इंदौर। शहर के भंडारी मिल क्षेत्र स्थित श्रीनाथ विहार अपार्टमेंट से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। कुछ ही घंटों के अंतराल में मां और बेटे की मौत हो गई। अब दोनों की अंतिम यात्रा एक साथ निकलेगी। हालांकि इस गहरे दुख के बीच परिवार ने मानवता की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी हर कोई सराहना कर रहा है।
जानकारी के अनुसार 55 वर्षीय राजुल शर्मा रविवार दोपहर अपने घर में अचेत अवस्था में पाए गए। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बेटे के अचानक निधन की खबर से पूरा परिवार सदमे में डूब गया।
परिजनों ने 75 वर्षीय किरण शर्मा को बेटे के निधन की जानकारी बेहद सावधानी से देने की कोशिश की। लेकिन जब वह घर पहुंचीं और उन्होंने अपने बेटे का शव देखा, तो यह दुख वह सहन नहीं कर सकीं। बेटे को इस हालत में देखकर वह गहरे सदमे में चली गईं और उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।
परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। कुछ ही घंटों में मां और बेटे के निधन की इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। आसपास के लोगों और रिश्तेदारों में भी शोक की लहर दौड़ गई।
इस असहनीय दुख के बीच परिवार ने एक बड़ा मानवीय निर्णय लिया। सामाजिक संस्था की मदद से मां और बेटे दोनों का नेत्रदान कराया गया। इस पहल के जरिए चार जरूरतमंद लोगों की जिंदगी में नई रोशनी पहुंच सकेगी।
परिजनों के मुताबिक, आज मां और बेटे दोनों की अंतिम यात्रा एक साथ निकाली जाएगी और उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। एक तरफ जहां इस घटना ने पूरे शहर को भावुक कर दिया है, वहीं दूसरी ओर नेत्रदान के इस फैसले ने मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की एक प्रेरणादायक मिसाल भी पेश की है।
एक ही परिवार से कुछ घंटों के अंतराल में मां और बेटे के चले जाने की यह घटना हर किसी की आंखें नम कर रही है। लेकिन उनके द्वारा किया गया नेत्रदान अब चार लोगों के जीवन को रोशन करेगा और यही उनकी सबसे बड़ी मानवीय विरासत बनकर याद रखा जाएगा।

