इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर की बेटी और हाईकोर्ट एडवोकेट डॉ. रूपाली राठौर ने एक बार फिर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित विधानसभा भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में उन्हें “उत्कृष्ट सेवा सम्मान” से सम्मानित किया गया। कानून और सामाजिक क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया।
“योग चेतना एवं उत्कृष्ट सेवा सम्मान” कार्यक्रम में भाग लेने के लिए डॉ. रूपाली राठौर को उत्तर प्रदेश विधानसभा की ओर से विशेष आमंत्रण भेजा गया था। पूरे मध्य प्रदेश से इस गरिमामयी आयोजन में सम्मान प्राप्त करने और मुख्य उद्बोधन देने वाली प्रमुख हस्तियों में उनका चयन किया गया। सम्मान स्वरूप उन्हें मंच से पवित्र ग्रंथ भगवद्गीता भी भेंट की गई।
विधानसभा भवन में अपने संबोधन के दौरान डॉ. रूपाली राठौर ने इंदौर की स्वच्छता, मध्य प्रदेश के विकास मॉडल और उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि क्षिप्रा और गंगा केवल नदियां नहीं हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय एकता की जीवंत प्रतीक हैं।
उन्होंने दोनों राज्यों के युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें मिलकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। अपने भाषण में उन्होंने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की प्रसिद्ध पंक्तियों का उल्लेख करते हुए संविधान, मानवता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया, जिसे वहां मौजूद अतिथियों और गणमान्य लोगों ने सराहा।
कार्यक्रम के बाद अपने अनुभव साझा करते हुए डॉ. रूपाली राठौर ने कहा कि वह भोपाल के ऐतिहासिक तालाबों और इंदौर की स्वच्छता की प्रेरणादायक कहानी को लेकर लखनऊ और काशी की पवित्र धरती पर पहुंची थीं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा ने उन्हें यह महसूस कराया कि भले ही राज्यों की सीमाएं अलग-अलग हों, लेकिन विकास, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और देश की प्रगति को लेकर हम सभी भारतीयों के सपने एक समान हैं।
इंदौर की बेटी को मिला यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान की पहचान है, बल्कि मध्य प्रदेश की उस सकारात्मक छवि का भी प्रतीक है, जो देशभर में अपनी संस्कृति, विकास और सामाजिक मूल्यों के लिए जानी जाती है। यह उपलब्धि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है और यह संदेश देती है कि समर्पण, सेवा और मेहनत के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।

