ग्वालियर। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ग्वालियर-चंबल अंचल के दौरे पर पहुंचे। इस दौरान ग्वालियर में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। जीतू पटवारी ने कैलारस शुगर मिल, वंदे मातरम विवाद और बालाघाट में बच्चों की मौत के मामले को लेकर भी सरकार को घेरा।
जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव किसान कल्याण वर्ष मना रहे हैं, लेकिन प्रदेश में हर जगह अराजकता दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि एक तरफ महंगाई की मार है, वहीं दूसरी तरफ खेती और किसानों की फसलें सस्ती बिक रही हैं।
कैलारस शुगर मिल का मुद्दा उठाते हुए पटवारी ने कहा कि कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय अपने साथियों के साथ कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं और आज उनकी भूख हड़ताल का सातवां दिन है। उनका आरोप है कि किसान कल्याण वर्ष के दौरान मुख्यमंत्री को इस मुद्दे की चिंता नहीं है।
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि बीजेपी ने जो मोदी की गारंटी दी है, उसे पूरा किया जाए। साथ ही उन्होंने दावा किया कि अगर सरकार ने जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले समय में जनता बीजेपी को सत्ता से बाहर कर देगी।
कैलारस शुगर मिल को लेकर कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के बयान पर भी जीतू पटवारी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले 25 साल से कैलारस शुगर मिल को शुरू करने की बातें हो रही हैं। मुख्यमंत्री खुद कई बार मिल को शुरू करने की घोषणा कर चुके हैं। पटवारी ने कहा कि अगर सरकार वास्तव में मिल शुरू करना चाहती है तो उसे शुरू करके दिखाए, बार-बार घोषणा करना सिर्फ झूठ और पाखंड है।
वंदे मातरम विवाद को लेकर भी जीतू पटवारी ने बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी का चरित्र विवाद खड़ा करके देशभक्ति का सर्टिफिकेट लेने का रहा है। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस को बीजेपी से देशभक्ति सीखने की जरूरत नहीं है और वंदे मातरम देशभक्ति का बड़ा प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर किसी भी तरह के विवाद की जरूरत नहीं है और कांग्रेस संविधान के अनुरूप ही काम करेगी।
इसी दौरान पटवारी ने आरएसएस और बीजेपी के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान को लेकर भी विवादित टिप्पणी की और कहा कि कांग्रेस को देशभक्ति का पाठ पढ़ाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने ग्वालियर की राजनीति और सिंधिया का जिक्र करते हुए भी सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा।
बालाघाट में बच्चों की मौत के मामले को लेकर जीतू पटवारी ने प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बालाघाट में लगातार बच्चों की मौत प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति को उजागर कर रही है।
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष बालाघाट पहुंच चुके हैं और पार्टी की ओर से सरकार को पत्र भी लिखा गया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए और बच्चों की मौत के कारणों की जांच कराई जाए।
जीतू पटवारी ने छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत की घटना का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
ग्वालियर में जीतू पटवारी के इन बयानों के बाद एक बार फिर मध्य प्रदेश की सियासत गरमा गई है। किसानों से लेकर शुगर मिल, वंदे मातरम विवाद और स्वास्थ्य व्यवस्था तक, कांग्रेस ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की कोशिश की है। अब देखना होगा कि बीजेपी इन आरोपों पर क्या जवाब देती है।

