मध्यप्रदेश कांग्रेस में होगी बड़ी सर्जरी! प्रदेश कार्यकारिणी भंग कर नई टीम बनाने की तैयारी, नियुक्तियों पर भी उठे सवाल

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस में संगठन को लेकर बड़ी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस की मौजूदा प्रदेश कार्यकारिणी को भंग कर नई कार्यकारिणी बनाने की तैयारी है। मंगलवार को हुई पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में इस फैसले पर सहमति बनी है। बैठक में संगठन में हुई नियुक्तियों को लेकर भी नेताओं ने सवाल उठाए।

328 पदाधिकारियों वाली कार्यकारिणी होगी भंग!

बताया जा रहा है कि फिलहाल मध्यप्रदेश कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी में करीब 328 पदाधिकारी हैं। अब इसे भंग कर अपेक्षाकृत छोटी और सक्रिय कार्यकारिणी बनाने की तैयारी की जा रही है। बैठक में यह भी कहा गया कि जिन नेताओं से कार्यकारिणी में शामिल करने के लिए नाम मांगे जाएं, उन्हें उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए। अगर नाम शामिल नहीं करने हैं तो नाम मांगे ही नहीं जाएं।

नियुक्तियों पर गोविंद सिंह ने उठाए सवाल

PAC सदस्य और पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि संगठन में नियुक्तियों को लेकर कई शिकायतें सामने आई हैं। प्रदेश और जिलों में कई वरिष्ठ नेताओं को उचित जिम्मेदारी नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा कि ऐसे वरिष्ठ नेताओं को नई कार्यकारिणी में एडजस्ट किया जाना चाहिए।

गोविंद सिंह ने यह भी सवाल उठाया कि कई जगह ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी गई है, जिन्हें स्थानीय स्तर पर लोग जानते तक नहीं हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वह खुद अपने जिले के किसान कांग्रेस अध्यक्ष को नहीं जानते।

छोटी और सक्रिय टीम पर कांग्रेस का फोकस

बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि नई प्रदेश कार्यकारिणी का आकार छोटा रखा जाए और जिम्मेदारियां सक्रिय नेताओं को दी जाएं। कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेश और जिलों में नियुक्तियों की भी नए सिरे से समीक्षा किए जाने के संकेत मिले हैं।

दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में हुआ मंथन

पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह वर्चुअल रूप से, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, डॉ. गोविंद सिंह और CWC सदस्य कमलेश्वर पटेल समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

अब देखना होगा कि नई प्रदेश कार्यकारिणी का स्वरूप क्या रहता है और किन नेताओं को संगठन में जगह मिलती है। फिलहाल कार्यकारिणी भंग करने के फैसले ने मध्यप्रदेश कांग्रेस के भीतर बड़े संगठनात्मक बदलाव के संकेत दे दिए हैं।

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