योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: जलालाबाद का नाम होगा ‘परशुरामपुरी’, 27 प्रस्तावों को मिली मंजूरी

लखनऊ.उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े और अहम फैसलों पर मुहर लगा दी। बैठक में कुल 28 प्रस्ताव रखे गए, जिनमें से 27 प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई, जबकि मदरसे से जुड़ा एक प्रस्ताव फिलहाल स्थगित कर दिया गया। कैबिनेट के फैसलों में शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदलकर ‘परशुरामपुरी’ करना, होमगार्ड स्वयंसेवकों को कैशलेस इलाज की सुविधा, खिलाड़ियों की सीधी भर्ती और नए विश्वविद्यालयों की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है। निवेश, उद्योग और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन-2026 और नई डेटा सेंटर नीति को मंजूरी दे दी गई है। स्टार्टअप मिशन की गवर्निंग बॉडी की अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे, जबकि इसके संचालन के लिए एक कार्यकारी समिति बनाई जाएगी।

पशुपालकों को राहत देते हुए सरकार ने मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन पशुधन बीमा योजना को प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू करने का फैसला किया है। इस योजना में राज्य सरकार 85 प्रतिशत प्रीमियम का भार उठाएगी, जिससे लाखों पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, श्रम मंत्री अनिल राजभर और उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने फैसलों की जानकारी दी। श्रम मंत्री ने बताया कि गोरखपुर और मुरादाबाद में पांच-पांच एकड़ भूमि पर नए ईएसआई अस्पताल बनाए जाएंगे, जबकि वाराणसी में 13 एकड़ भूमि पर ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की स्थापना होगी। इस मेडिकल कॉलेज में 50 प्रतिशत सीटें श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी।

सरकार ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की सीधी भर्ती से जुड़ी नियमावली में भी संशोधन को मंजूरी दी है। साथ ही निजी क्षेत्र में कानपुर के बिल्हौर में महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय, गाजियाबाद में अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय और फतेहपुर में ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय की स्थापना को भी स्वीकृति दे दी गई है।

नगर विकास विभाग के प्रस्ताव के तहत शाहजहांपुर की नगर पालिका परिषद जलालाबाद का नाम बदलकर ‘परशुरामपुरी’ करने का फैसला भी कैबिनेट ने मंजूर कर लिया है। इसके अलावा गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगमों के लिए म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने, वाराणसी रोप-वे परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध कराने, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण संचालन नीति-2026 और कई प्रशासनिक नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है।

कैबिनेट ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की पेंशन में संशोधन को भी स्वीकृति दी है। वहीं प्रदेश के करीब 69 हजार होमगार्ड स्वयंसेवकों और उनके आश्रितों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगा दी गई है।

सरकार का मानना है कि इन फैसलों से प्रदेश में निवेश, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और शहरी विकास को नई गति मिलेगी और उत्तर प्रदेश के समग्र विकास को मजबूत आधार प्राप्त होगा।

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