नीट परीक्षा से जुड़ी विवादित परिस्थितियों के बीच जान गंवाने वाली छात्रा आकांक्षा के मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर नई चर्चा छेड़ दी है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आकांक्षा के परिजनों से फोन पर बात कर गहरा दुख जताया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आकांक्षा की चिट्ठी पढ़कर उन्हें बेहद पीड़ा हुई और परिवार के दर्द को समझते हुए उन्होंने सहायता का आश्वासन दिया।
राहुल गांधी ने बातचीत में कहा कि आकांक्षा की कोई गलती नहीं थी, उसने सिर्फ अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत की थी। उन्होंने परिवार से कहा कि यदि उनके स्तर पर कोई मदद की जरूरत हो तो वे बताएं। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि आकांक्षा ने अपने माता-पिता के संघर्ष और आर्थिक हालात को लेकर जो बातें लिखीं, उन्हें पढ़कर वे भावुक हो गए।
परिवार को आर्थिक संबल देने के लिए राहुल गांधी की ओर से कुल 3 लाख रुपये की सहायता भी पहुंचाई गई। पहले ढाई लाख रुपये और बाद में 50 हजार रुपये की अतिरिक्त मदद दी गई। इस दौरान कांग्रेस और एनएसयूआई के पदाधिकारी भी परिवार के साथ मौजूद रहे। राहुल गांधी ने परिवार को भरोसा दिलाया कि वे आकांक्षा को न्याय दिलाने की लड़ाई में उनके साथ खड़े रहेंगे।
इस पूरे मामले पर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आकांक्षा की मौत केवल एक आत्महत्या नहीं, बल्कि व्यवस्था की गंभीर विफलता का परिणाम है। उन्होंने लिखा कि आकांक्षा डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहती थी और उसके पिता ने बेटी के सपनों को पूरा करने के लिए कर्ज लेकर हरसंभव प्रयास किए थे।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि परीक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों और पेपर लीक जैसी घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द होने और अनिश्चितता के माहौल ने कई युवाओं को मानसिक दबाव में धकेला है। उनके अनुसार शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
उन्होंने केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालय पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि केवल जांच समितियां बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य किसी भी राजनीति से बड़ा है और उन्हें न्याय व भरोसेमंद शिक्षा व्यवस्था मिलनी चाहिए।

