धार। मध्यप्रदेश के धार जिले स्थित भोजशाला एक बार फिर सुर्खियों में है। यहां मंदिर परिसर के बाहर एक पोस्टर लगाए जाने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। पोस्टर में लिखा गया कि “भोजशाला में गैर हिंदुओं का प्रवेश निषेध है।” इस पोस्टर को लेकर पूरे इलाके में चर्चा तेज हो गई है। भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा कि अब यहां एक विशेष प्रोटोकॉल लागू रहेगा और केवल वही लोग प्रवेश कर सकेंगे जो तिलक लगाकर और भगवा दुपट्टा पहनकर आएंगे।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद भोजशाला में सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा-अर्चना जारी रही। दिनभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां वाग्देवी के दर्शन के लिए पहुंचते रहे। मंदिर परिसर में वास्तु पूजन, महाआरती और संध्या आरती का आयोजन किया गया। शाम होते-होते माहौल पूरी तरह धार्मिक उत्सव में बदल गया और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ आरती में शामिल हुई।
संध्या आरती के बाद भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा मंदिर के मुख्य द्वार पर वही पोस्टर लेकर खड़े दिखाई दिए, जिसमें गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की बात लिखी थी। बाद में इस पोस्टर को मंदिर परिसर के बाहर बोर्ड पर भी लगा दिया गया। उन्होंने कहा कि अब सरस्वती मंदिर में वही लोग प्रवेश करेंगे जो यहां की परंपराओं और नियमों का पालन करेंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले भोजशाला में शुक्रवार के दिन हिंदुओं के प्रवेश को लेकर प्रतिबंध जैसी स्थिति रहती थी, लेकिन हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब हिंदू श्रद्धालु पूरे साल यानी 365 दिन मां वाग्देवी मंदिर में पूजा-अर्चना कर सकेंगे। इसी फैसले के बाद से भोजशाला में धार्मिक गतिविधियां लगातार बढ़ गई हैं और अब इस नए पोस्टर ने एक बार फिर पूरे मामले को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

