ट्विशा शर्मा मौत केस में बड़ा मोड़! गिरिबाला सिंह की जमानत पर फंसा पेच, CBI की रिपोर्ट के बाद हाईकोर्ट ने दिए संशोधन के निर्देश
जबलपुर। चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर बुधवार, 30 सितंबर को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान याचिका में दर्ज धाराओं को लेकर तकनीकी और कानूनी बिंदु सामने आया, जिसके बाद कोर्ट ने आवेदन में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए।
मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी CBI कर रही है। ताजा सुनवाई में कोर्ट ने विशेष रूप से भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 से जुड़े बिंदु पर सवाल किया कि जमानत आवेदन में इस धारा को चुनौती देने या उस पर पक्ष क्यों नहीं रखा गया था।
CBI की जांच रिपोर्ट से क्या सामने आया?
गिरिबाला सिंह की ओर से दायर जमानत याचिका के संबंध में सामने आई जानकारी के मुताबिक CBI की जांच में दहेज मृत्यु से जुड़े आरोपों और लागू धाराओं को लेकर स्थिति पर चर्चा हुई है। हालांकि, इसे सीधे तौर पर ‘पूरी तरह क्लीनचिट’ के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा, क्योंकि मामले में अन्य धाराओं और आरोपों पर कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।
गिरिबाला सिंह को इससे पहले हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत नहीं मिली थी। मई 2026 में हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी, जिसके बाद CBI ने उन्हें गिरफ्तार किया था।
जमानत आवेदन में करना होगा सुधार
30 सितंबर की सुनवाई में कोर्ट ने पाया कि जमानत आवेदन में CBI की ओर से लगाए गए कुछ प्रासंगिक प्रावधानों को चुनौती देने संबंधी आवश्यक आधार स्पष्ट रूप से शामिल नहीं था। इसी वजह से याचिकाकर्ता की ओर से आवेदन में संशोधन के लिए समय मांगा गया।
गिरिबाला सिंह के अधिवक्ता ने कोर्ट से आवश्यक सुधार करने के लिए समय देने का अनुरोध किया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2:30 बजे तय की गई है।
पहले भी खारिज हो चुकी है जमानत याचिका
गिरिबाला सिंह की जमानत का मामला इससे पहले भी अदालतों में पहुंच चुका है। जुलाई 2026 में ट्रायल कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। सितंबर में हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान CBI ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा था।
अब 8 अक्टूबर की सुनवाई में संशोधित जमानत आवेदन और मामले में लागू धाराओं को लेकर दोनों पक्षों की दलीलें सामने आएंगी। इसके बाद हाईकोर्ट गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर आगे का रुख तय करेगा।