‘26 की उम्र वाला काम 57 में कर रहे राहुल गांधी!’ बालाघाट दौरे पर मंत्री उदय प्रताप सिंह का तंज, बोले- राजनीति 30 साल पीछे चल रही
भोपाल। मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह ने राहुल गांधी के प्रस्तावित बालाघाट दौरे को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। 30 सितंबर को मीडिया से बातचीत में मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी की राजनीति करीब 30 साल पीछे चल रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो काम एक युवा राजनेता को 25, 26 या 28 वर्ष की उम्र में करना चाहिए, वह राहुल गांधी 56-57 वर्ष की उम्र में कर रहे हैं।
राहुल गांधी 1 अक्टूबर को बालाघाट के प्रभावित आदिवासी इलाकों का दौरा करने वाले हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, वह बच्चों की मौत से प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे और बैहर-बिरसा क्षेत्र की स्थिति की जानकारी लेंगे।
‘जब नक्सलवाद चरम पर था, तब बालाघाट क्यों नहीं पहुंचे?’
उदय प्रताप सिंह ने राहुल गांधी के बालाघाट दौरे पर सवाल उठाते हुए 1999 की एक नक्सली घटना का जिक्र किया। मंत्री के मुताबिक, उस दौर में बालाघाट में नक्सली हिंसा की गंभीर घटनाएं हुई थीं और एक तत्कालीन मंत्री की हत्या भी हुई थी।
मंत्री ने दावा किया कि उस समय राहुल गांधी राजनीति में सक्रिय थे, लेकिन उन्होंने प्रभावित परिवारों के बीच जाकर संवेदना व्यक्त नहीं की। उनका कहना है कि जब बालाघाट और आसपास के इलाके नक्सल गतिविधियों से प्रभावित थे, तब राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात नहीं की।
उदय प्रताप सिंह ने मौजूदा बालाघाट दौरे को लेकर भी सवाल उठाया और कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। ये टिप्पणियां मंत्री के राजनीतिक आरोप हैं।
नक्सलवाद पर सरकार के प्रयासों का किया जिक्र
मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों से बालाघाट क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण हुआ है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किए गए प्रयासों का उल्लेख किया।
उनके अनुसार, सुरक्षा स्थिति में सुधार के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की पहुंच दूरदराज के इलाकों तक बढ़ी है। उन्होंने गांवों को कस्बों और शहरों से जोड़ने तथा बैगा समाज के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी जिक्र किया।
‘राहुल गांधी का दौरा संवेदना नहीं, राजनीतिकरण के लिए’
उदय प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का बालाघाट दौरा संवेदना से ज्यादा राजनीतिक मुद्दा बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस को प्रभावित परिवारों की चिंता थी तो नक्सल हिंसा के दौर में भी नेताओं को वहां पहुंचना चाहिए था।
वहीं, कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी के दौरे को बालाघाट में बच्चों की मौत से प्रभावित आदिवासी परिवारों से मुलाकात और जमीनी हालात जानने से जोड़ा गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया है कि राहुल गांधी प्रभावित इलाकों में जाकर परिवारों से मुलाकात करेंगे।
बालाघाट में बच्चों की मौत का मामला
बालाघाट के बैहर और बिरसा क्षेत्र के आदिवासी इलाकों में बच्चों की मौत का मामला पिछले कुछ समय से चर्चा में है। अलग-अलग रिपोर्टों में मृत बच्चों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। सरकारी आंकड़ों और विपक्ष के दावों में भी अंतर बताया गया है।
राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे के बीच इस मुद्दे पर मध्यप्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ कांग्रेस प्रभावित परिवारों और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े सवाल उठा रही है, वहीं मंत्री उदय प्रताप सिंह ने दौरे की टाइमिंग और राजनीतिक उद्देश्य पर सवाल खड़े किए हैं।