अयोध्या. राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन के आरोपों की जांच अब और तेज हो गई है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम यानी एसआईटी ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और गोपाल राव से लंबी पूछताछ की है। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान जांच टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए हैं, जिनकी अब विस्तार से जांच की जाएगी।
बताया जा रहा है कि एसआईटी ने चढ़ावे की गिनती की पूरी प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था और कथित अनियमितताओं को लेकर कई अहम सवाल पूछे। जांच एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि चढ़ावे के प्रबंधन और निगरानी में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई और पूरी व्यवस्था किस तरह संचालित की जा रही थी।
इसी कड़ी में सोमवार को एसआईटी ने राम मंदिर ट्रस्ट और दान प्रबंधन से जुड़े 42 संदिग्ध कर्मचारियों से भी लंबी पूछताछ की। कई घंटों तक चली इस पूछताछ के बाद जांच टीम अब कानूनी कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।
मामले में एक और अहम कड़ी तब सामने आई जब चंपत राय के ड्राइवर टिन्नू से भी पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर बताया कि नकदी प्रबंधन की जिम्मेदारी अनिल मिश्रा के पास थी। हालांकि इन दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
इस पूरे मामले में अब तक तीन अलग-अलग थानों में शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जांच एजेंसियां लगातार दस्तावेजों, बयानों और अन्य साक्ष्यों को खंगाल रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में बड़ा खुलासा हो सकता है।
जांच के दौरान यह सवाल भी सामने आया है कि चढ़ावे की गिनती और उससे जुड़े कर्मचारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया कैसे तय की गई थी। जानकारी के अनुसार बैंक ने कर्मचारियों को एक आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम से नियुक्त किया था, लेकिन कर्मचारियों के चयन में ट्रस्ट की भूमिका भी जांच के दायरे में है। यही वजह है कि पूरी व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
सबसे गंभीर चिंता सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर जताई जा रही है। आरोप हैं कि चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारियों का पर्याप्त सत्यापन नहीं हुआ, नियमित तलाशी की व्यवस्था नहीं थी और निगरानी तंत्र भी प्रभावी नहीं था। जांच एजेंसियां अब इन सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।
फिलहाल एसआईटी की जांच जारी है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में जांच से कौन-कौन से नए तथ्य सामने आते हैं।

