उज्जैन। उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच आखिरकार रवि सोलंकी के नाम पर मुहर लग गई है, मुख्यमंत्री के गृहनगर होने की वजह से यह पद पहले से ही सुर्खियों में था और अब इसकी जिम्मेदारी एक अनुभवी चेहरे को सौंपी गई है।
रवि सोलंकी लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहे हैं, वे साल 1985 से भाजपा से जुड़े हुए हैं और एबीवीपी से लेकर पार्टी के कई अहम पदों पर काम कर चुके हैं, वहीं कोरोना काल के दौरान भी उन्होंने सामाजिक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
अध्यक्ष बनते ही रवि सोलंकी बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे और इसके बाद कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया, मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता सिंहस्थ 2028 की तैयारियां हैं और इसे भव्य रूप देना उनका लक्ष्य रहेगा।
उन्होंने बताया कि उज्जैन में आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए शहर के प्रमुख मार्गों पर भव्य स्वागत द्वार बनाए जाएंगे और सिंहस्थ क्षेत्र में सड़क, सीवर और लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं को समय पर पूरा करना भी उनकी प्राथमिकता में शामिल है।
इस नियुक्ति के साथ ही विकास प्राधिकरण के पूरे बोर्ड की घोषणा भी कर दी गई है, जिसमें मुकेश यादव और रवि वर्मा को उपाध्यक्ष बनाया गया है, वहीं विजय अग्रवाल, अमित श्रीवास्तव, रामचंद्र शर्मा, सुशीला जाटवा और दुर्गा बिलोटिया को सदस्य के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है।

