दतिया। दतिया की प्रसिद्ध सिद्धपीठ श्री पीतांबरा पीठ और श्री वनखंडेश्वर महादेव मंदिर में अब व्यवस्थाओं को और ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित किया जाएगा। प्रशासन ने मंदिर की सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर कई बड़े फैसले लिए हैं। कलेक्टर स्वपनिल वानखड़े की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंदिर प्रबंधन, विश्व हिंदू परिषद, पुजारीगण, पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में नए नियम तय किए गए हैं।
सबसे बड़ा फैसला मंदिर में प्रवेश और निकास व्यवस्था को लेकर लिया गया है। अब श्रद्धालुओं के आने और जाने के लिए अलग-अलग और व्यवस्थित मार्ग बनाए जाएंगे, ताकि दर्शन के दौरान भीड़ का दबाव कम हो और किसी तरह की अव्यवस्था की स्थिति न बने।
इसके साथ ही गर्भगृह और परिक्रमा पथ को लेकर भी प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। पूजा या अभिषेक के समय को छोड़कर गर्भगृह, परिक्रमा पथ और प्रवेश-निकास द्वारों पर बैठकर साधना, मंत्रोच्चार या अन्य गतिविधियां करने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
दानपेटी की व्यवस्था में भी पारदर्शिता बढ़ाई जाएगी। दानपेटी खोलते समय कम से कम पांच अधिकृत लोगों की मौजूदगी अनिवार्य होगी और दानराशि की पूरी गिनती CCTV की निगरानी के साथ वीडियो रिकॉर्डिंग में की जाएगी। दानराशि के संधारण के लिए पुजारी और राजस्व अधिकारी के संयुक्त नाम से बैंक खाता खोला जाएगा।
वहीं श्री वनखंडेश्वर महादेव मंदिर में अभिषेक को लेकर भी नई व्यवस्था लागू होगी। सामान्य दिनों में रोजाना अधिकतम एक अभिषेक और सावन या विशेष पर्वों पर अधिकतम तीन अभिषेक की अनुमति होगी। इससे ज्यादा अभिषेक कराने के लिए SDM की पूर्व अनुमति जरूरी होगी और इसकी रसीद QR कोड के जरिए जारी की जाएगी।
मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरे परिसर में नए CCTV कैमरे लगाए जाएंगे और इनकी लगातार निगरानी के लिए एक समर्पित कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा। यानी अब दतिया पीतांबरा पीठ में आस्था के साथ सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और आर्थिक पारदर्शिता पर भी प्रशासन का पूरा फोकस रहेगा।

