भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की तीसरी सीट को लेकर सियासी मुकाबला अब पूरी तरह दिलचस्प और हाई-वोल्टेज हो चुका है। भाजपा द्वारा तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट रखने में जुटी है, तो दूसरी ओर भाजपा के नेता खुलकर तीसरी सीट जीतने का दावा कर रहे हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि पार्टी के पास पर्याप्त समर्थन है और तीसरी सीट पर भी जीत उनकी ही होगी।
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भाजपा के तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि चुनाव लड़ना हर दल का अधिकार है और भाजपा उसी अधिकार का उपयोग कर रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के पास अतिरिक्त वोट मौजूद हैं, इसलिए पार्टी ने तीसरे उम्मीदवार को उतारा है। विजयवर्गीय ने कहा कि देश और प्रदेश की जनता विकास चाहती है और चाहती है कि राज्यसभा में भाजपा का बहुमत और मजबूत हो, ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ और मजबूत किए जा सकें।
कांग्रेस विधायकों की कथित शिफ्टिंग और उन्हें एकजुट रखने की कवायद पर भी कैलाश विजयवर्गीय ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि जिन्हें अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं होता, वही उन्हें इधर-उधर ले जाने की कोशिश करते हैं। भाजपा को अपने सभी विधायकों पर पूरा भरोसा है और वे मजबूती के साथ पार्टी के साथ खड़े हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा इस मुकाबले में जीत दर्ज करेगी।
भाजपा विधायक आशीष शर्मा ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा दूसरों पर आरोप लगाती है, लेकिन उसे अपने भीतर चल रही अंतर्कलह पर भी नजर डालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अंदर विश्वास की कमी साफ दिखाई दे रही है। भाजपा हमेशा जीत के इरादे से चुनाव लड़ती है और इस बार भी पार्टी अपने लक्ष्य को हासिल करके रहेगी।
वहीं भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने अपने खास अंदाज में भाजपा उम्मीदवार महेश केवट की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह त्रेतायुग में केवट ने भगवान श्रीराम को नदी पार कराई थी, उसी तरह इस बार महेश केवट राज्यसभा की नैया पार लगाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतर चुकी है और तीसरी सीट जीतने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
प्रीतम लोधी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस चुनाव के बाद राज्यसभा में कांग्रेस का ‘जीरो बटा सन्नाटा’ हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अब कमजोर पड़ चुकी है और जनता का भरोसा भाजपा के साथ है। उनके इस बयान के बाद राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है।
अब तीसरी सीट को लेकर सभी की नजरें विधायकों की रणनीति, संभावित क्रॉस वोटिंग और अंतिम मतदान पर टिकी हैं। भाजपा जहां आत्मविश्वास से भरी दिखाई दे रही है, वहीं कांग्रेस भी अपने विधायकों को एकजुट रखकर मुकाबले को रोचक बनाने की कोशिश में जुटी हुई है। ऐसे में मध्य प्रदेश का यह राज्यसभा चुनाव आने वाले दिनों में और भी ज्यादा चर्चा का केंद्र बनने वाला है।

