इंदौर।मध्य प्रदेश के इंदौर में एमआर-11 और कंकर क्षेत्र को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह मंच से लोगों को भरोसा दिलाते नजर आ रहे हैं कि इलाके का एक भी मकान नहीं टूटेगा। लेकिन अब जब रहवासियों को मकान खाली करने और कार्रवाई के नोटिस मिलने लगे हैं, तो लोगों ने मंत्री के उसी वादे पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
वायरल वीडियो में मंत्री तुलसी सिलावट कहते सुनाई दे रहे हैं कि वार्ड नंबर 35 और 36 के लोगों से वह वादा करते हैं कि कंकर क्षेत्र का एक भी मकान नहीं टूटेगा। उन्होंने यहां तक कहा था कि अगर बुलडोजर चलेगा तो सबसे पहले उनके ऊपर चलेगा। मंत्री ने खुद को क्षेत्र के लोगों का बेटा बताते हुए भरोसा दिलाया था कि किसी भी परिवार को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
लेकिन अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं। एमआर-11 क्षेत्र के रहवासियों का कहना है कि उन्होंने मंत्री की बात पर विश्वास किया था, लेकिन अब उनके घरों पर नोटिस चस्पा किए जा रहे हैं। लोगों का आरोप है कि इंदौर विकास प्राधिकरण ने नए मकान देने के नाम पर परिवारों से 20-20 हजार रुपये भी जमा करवा लिए और बाकी राशि किस्तों में लेने की बात कही गई थी।
रहवासियों का कहना है कि उन्होंने वर्षों पहले अपनी मेहनत की कमाई से ये मकान खरीदे थे। कई परिवारों के पास सरकारी पट्टे हैं, जबकि कई लोगों के पास नोटरी और अन्य दस्तावेज मौजूद हैं। उनका आरोप है कि 20 से 25 साल से बसे परिवारों को अब बिना उचित मुआवजे और स्पष्ट व्यवस्था के हटाने की तैयारी की जा रही है।
इसी वजह से अब मंत्री के पुराने वादे और वर्तमान कार्रवाई के बीच का अंतर बड़ा मुद्दा बन गया है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जब सार्वजनिक मंच से मकान नहीं टूटने का भरोसा दिया गया था, तो अब नोटिस जारी होने के पीछे की सच्चाई सामने आनी चाहिए। फिलहाल यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

