भोपाल। मध्य प्रदेश में किसानों की मांगों और समस्याओं को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट कहा है कि प्रदेश सरकार हमेशा किसानों के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से किया जाएगा। इसी उद्देश्य से सरकार ने किसान संगठनों से बातचीत के लिए मंत्रियों की एक विशेष समिति का गठन किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी पक्षों को जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने बताया कि कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना, मंत्री विश्वास सारंग, मंत्री कृष्णा गौर और मंत्री राकेश सिंह को समिति में शामिल किया गया है। यह समिति किसान संगठनों के साथ लगातार संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान तलाशेगी।
इधर, कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने किसान प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी मांगों को सुना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों की मांगों पर शीघ्र और सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को मूंग खरीदी समेत अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाना है।
उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। राज्य सरकार ने केंद्र से प्रदेश के कुल उत्पादन का 40 प्रतिशत यानी 8.06 लाख मीट्रिक टन मूंग की खरीदी की अनुमति देने की मांग की है।
इस दौरान कृषि मंत्री ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के मुद्दों को लेकर राजनीति की जा रही है और भोपाल में माहौल खराब करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान संवाद से होता है, विवाद से नहीं।
फिलहाल, सरकार की ओर से गठित समिति और किसान संगठनों के बीच होने वाली आगामी बैठकों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। अब देखना होगा कि किसानों की मांगों को लेकर सरकार कितनी जल्दी ठोस निर्णय लेती है।

