ग्वालियर। मध्यप्रदेश में पुरानी पेंशन योजना यानी OPS को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है। Madhya Pradesh High Court की ग्वालियर बेंच ने अपने अहम आदेश में साफ कर दिया है कि जिन कर्मचारियों की नियुक्ति 1 जनवरी 2005 से पहले हो चुकी थी, उन्हें पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलेगा, भले ही उन्होंने वैध कारणों से बाद में जॉइनिंग की हो।
करीब 15 साल से लंबित इस मामले में आया यह फैसला हजारों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। मामला ज्योति ईठोबा नाम की महिला कर्मचारी से जुड़ा हुआ है, जिनका चयन ESI सेवा में बीमा चिकित्सा अधिकारी यानी इंश्योरेंस मेडिकल ऑफिसर के पद पर हुआ था। उन्हें 2 जनवरी 2004 को नियुक्ति पत्र जारी किया गया था।
हालांकि उस समय ज्योति ईठोबा गायनाकोलॉजी में पीजी कोर्स कर रही थीं। इसी वजह से श्रम विभाग ने उन्हें पढ़ाई पूरी करने के बाद जॉइन करने की अनुमति दी थी। बाद में उन्होंने 31 मई 2005 को कार्यभार ग्रहण किया।
लेकिन विभाग ने उनकी जॉइनिंग 1 जनवरी 2005 के बाद मानते हुए उन पर नई पेंशन योजना यानी NPS लागू कर दी। इसके खिलाफ ज्योति ईठोबा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद अब कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यदि किसी कर्मचारी की नियुक्ति 1 जनवरी 2005 से पहले हो चुकी है, तो उसे पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाएगा, चाहे उसने वैध कारणों से बाद में जॉइनिंग की हो।
इस फैसले को OPS की मांग कर रहे कर्मचारियों के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है। क्योंकि ऐसे कई कर्मचारी हैं जिनकी नियुक्ति 2005 से पहले हुई थी, लेकिन तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से वे बाद में सेवा में शामिल हो पाए थे। अब इस फैसले के बाद ऐसे कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना का रास्ता खुल सकता है।

