हरदा। मध्य प्रदेश के हरदा में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर लोगों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया। बिना सहमति मीटर बदले जाने के आरोप में स्थानीय लोगों ने बिजली कंपनी के कर्मचारियों का विरोध किया और मौके पर पहुंचे डीजीएम की गाड़ी तक रोक दी। काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
मामला हरदा के राजमा चौक का है, जहां बिजली कंपनी के ठेकेदार के कर्मचारी पुराने बिजली मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे थे। जैसे ही लोगों को इसकी जानकारी मिली, उपभोक्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि उनकी अनुमति लिए बिना मीटर बदले जा रहे हैं, जबकि कई जगहों से स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल बढ़ने की शिकायतें भी सामने आ चुकी हैं।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कई घरों में ताला लगा होने के बावजूद कर्मचारियों ने पुराने मीटर हटाकर नए स्मार्ट मीटर लगा दिए। इतना ही नहीं, विरोध करने पर कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने का भी आरोप लगाया गया।
हंगामे की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक डॉ. आर.के. दोगने मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिजली कंपनी के अधिकारियों से साफ कहा कि उपभोक्ताओं की सहमति और उनसे संवाद स्थापित किए बिना किसी के घर में स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाने चाहिए। विधायक ने लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुनने और उनकी सहमति के बाद ही आगे की कार्रवाई करने की बात कही।
वहीं बिजली कंपनी के डीजीएम संजय यादव ने कहा कि शासन के गजट नोटिफिकेशन के अनुसार पूरे प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिन उपभोक्ताओं को मीटर की रीडिंग पर किसी तरह का संदेह है, उनके यहां टेस्टिंग मीटर लगाकर जांच की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की शंका का समाधान किया जा सके।
अब हरदा में स्मार्ट मीटर को लेकर शुरू हुआ यह विवाद लोगों और बिजली कंपनी के बीच बड़ा मुद्दा बनता नजर आ रहा है। ऐसे में देखना होगा कि प्रशासन और बिजली कंपनी आगे इस मामले का समाधान किस तरह निकालते हैं।

