सिंगरौली। मध्य प्रदेश के Singrauli जिले में एनसीएल क्षेत्र में काम कर रहे मजदूरों ने एक निजी कंपनी पर तय समय से ज्यादा काम कराने और विरोध करने पर नौकरी से निकालने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मजदूरों का कहना है कि जहां नियम के मुताबिक 8 घंटे की ड्यूटी होनी चाहिए, वहां उनसे 12 घंटे तक काम कराया जा रहा था, जिससे उनके बीच नाराजगी और डर का माहौल बन गया था।
यह मामला तब और गरमा गया जब श्रमिकों ने खुलकर अपनी समस्या सामने रखी और बताया कि अगर कोई शिकायत करता है या मीडिया से बात करता है, तो उसे नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है।
बताया जा रहा है कि Northern Coalfields Limited के झींगुरदा, खड़िया, आमलोरी और बीना परियोजना क्षेत्रों में काम कर रही ठेका कंपनी पर यह आरोप लगे हैं, जिसके बाद श्रमिक संगठनों ने भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया।
दबाव बढ़ने के बाद कंपनी को अपना फैसला बदलना पड़ा और उसने लिखित में आश्वासन दिया है कि अब से मजदूरों से केवल 8 घंटे की ही ड्यूटी कराई जाएगी।
हालांकि इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि एनसीएल के अधीन काम करने वाली कंपनियों पर निगरानी रखने वाले अधिकारी अब तक सख्त कार्रवाई क्यों नहीं कर पाए, और क्या इसके पीछे सिर्फ लापरवाही है या कुछ और।
मजदूरों ने मांग की है कि 8 घंटे की ड्यूटी का सख्ती से पालन हो, धमकी देने की प्रथा खत्म की जाए और दोषी कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, नहीं तो आने वाले समय में यह मुद्दा बड़ा आंदोलन बन सकता है।

