लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच योगी सरकार में मंत्री और Om Prakash Rajbhar ने समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav पर तीखा हमला बोला है। ओपी राजभर ने कहा कि उन्होंने सुभासपा ट्वीट, एसी और पीसी वाली राजनीति करने के लिए नहीं बनाई है, बल्कि पिछड़े और अति पिछड़े समाज की आवाज उठाने के लिए संघर्ष किया है।
राजभर ने आरोप लगाया कि पिछड़ा वर्ग और बहुजन समाज के नाम पर राजनीति करने वालों ने अगर ईमानदारी से सभी जातियों को बराबरी का सम्मान और हिस्सेदारी दी होती, तो सुभासपा बनाने की जरूरत ही नहीं पड़ती। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के PDA का असली मतलब “पहला दावा अहिर” है और वह भी सिर्फ सैफई परिवार के लिए।
ओपी राजभर ने कहा कि आजमगढ़ जैसे क्षेत्र से किसी स्थानीय यदुवंशी युवक को समाजवादी पार्टी कभी सांसद नहीं बनने देती। उन्होंने दावा किया कि वहां हमेशा परिवारवाद को प्राथमिकता दी जाती है। राजभर ने कहा कि वोट तो पूरे पिछड़े समाज और यदुवंशियों का लिया जाता है, लेकिन सत्ता और कुर्सी सिर्फ “सैफई के नवाबों” को मिलती है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि बदायूं और कन्नौज जैसी सीटों पर अन्य पिछड़ी जातियों के नेताओं को मौका क्यों नहीं दिया गया।
उन्होंने आगे कहा कि अगर समाजवादी पार्टी सच में सामाजिक न्याय की राजनीति करती, तो मुख्यमंत्री पद का चेहरा सिर्फ अखिलेश यादव नहीं होता, बल्कि किसी पिछड़े या वंचित समाज की महिला को भी मौका मिलता। राजभर ने आरोप लगाया कि पार्टी में केवल एक खास परिवार और वर्ग को ही सत्ता में जगह मिलती है, जबकि बाकी समाज को सिर्फ भीड़ और दरी तक सीमित रखा जाता है।
ओपी राजभर ने कहा कि सुभासपा उन लोगों की आवाज है, जिन्हें वर्षों तक राजनीतिक हिस्सेदारी से दूर रखा गया। उन्होंने दावा किया कि उनकी राजनीति सत्ता के लिए नहीं, बल्कि पिछड़े, अति पिछड़े और बहुजन समाज के हक और सम्मान की लड़ाई के लिए है।

