‘रन फॉर ओटीएफ’ मैराथन में गूंजी युवाओं की आवाज, वन टाइम फीस लागू करने की उठी मांग

ग्वालियर। सरकारी भर्ती परीक्षाओं में वन टाइम फीस यानी ओटीएफ लागू करने की मांग को लेकर ग्वालियर में युवा कांग्रेस ने “रन फॉर ओटीएफ” मैराथन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, विधायक जयवर्धन सिंह समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और युवाओं ने भाग लिया। आयोजन के माध्यम से युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए सरकार पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया गया।

मैराथन की शुरुआत ग्वालियर के मेला ग्राउंड से हुई और यह गोला का मंदिर, हजीरा, किलागेट तथा सेवा नगर होते हुए फूलबाग मैदान पहुंचकर समाप्त हुई। पूरे रास्ते युवाओं ने वन टाइम फीस लागू करने की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की और सरकार से भर्ती प्रक्रिया को युवाओं के लिए अधिक सुलभ बनाने की अपील की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान युवाओं से वन टाइम फीस लागू करने का वादा किया गया था, लेकिन सरकार बनने के बाद इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि एक छात्र को अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं के आवेदन शुल्क के रूप में सालभर में हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।

इस दौरान जीतू पटवारी ने स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर योजना के कारण आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और कई लोगों के बिजली बिल पहले की तुलना में काफी अधिक आ रहे हैं। उन्होंने सरकार से इस विषय पर जवाब देने की मांग की।

वहीं पूर्व मंत्री और विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि प्रदेश का हर युवा सरकारी नौकरी पाने के लिए कड़ी मेहनत करता है, लेकिन हर भर्ती परीक्षा के लिए अलग-अलग आवेदन शुल्क देना युवाओं के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में वन टाइम फीस व्यवस्था लागू होने से युवाओं को राहत मिली थी और मध्यप्रदेश में भी ऐसी व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।

“रन फॉर ओटीएफ” मैराथन के जरिए कांग्रेस नेताओं और युवा कार्यकर्ताओं ने सरकार तक युवाओं की मांग पहुंचाने का प्रयास किया। अब सबकी नजर इस बात पर है कि वन टाइम फीस की मांग को लेकर सरकार आगे क्या फैसला लेती है और युवाओं को कोई राहत मिलती है या नहीं।

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