व्यापारियों और रहवासियों का पक्ष पूरी गंभीरता से सुप्रीम कोर्ट में रख रही सरकार: सीएम डॉ. यादव

भोपाल। भोपाल में व्यापारियों और स्थानीय रहवासियों से जुड़ी वर्षों पुरानी समस्या को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकार का रुख साफ किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले पर पूरी गंभीरता से नजर रख रही है और व्यापारियों व रहवासियों के हितों से जुड़े सभी पक्षों को मजबूती के साथ सर्वोच्च न्यायालय के सामने रखा जा रहा है।

4 सितंबर को मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्व और त्योहारों के बीच भी सरकार अपनी जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध है। भोपाल से जुड़े सभी विषयों और कठिनाइयों को सुप्रीम कोर्ट के सामने गंभीरता से रखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के मार्गदर्शन के अनुसार जो भी बेहतर निर्णय संभव होगा, सरकार उसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वर्तमान परिस्थितियों में व्यापारियों और स्थानीय निवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह समस्या वर्षों पुरानी है और सरकार इसका स्थायी और बेहतर समाधान निकालने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। अब देखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर आगे क्या दिशा तय होती है और सरकार के पक्ष के बाद व्यापारियों और रहवासियों को कितनी राहत मिलती है।

वहीं, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती भी है और वे इस अवसर पर जानापाव जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने जानापाव के धार्मिक महत्व का जिक्र करते हुए कहा कि धार्मिक मान्यता के अनुसार महर्षि परशुराम ने भगवान श्रीकृष्ण को यहीं सुदर्शन चक्र प्रदान किया था। इसी धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए जानापाव को प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में देवस्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। श्री महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन सहित पूरे प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिली है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 तक उज्जैन में करीब 60 से 70 लाख श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते थे, जबकि अब यह संख्या करोड़ों तक पहुंच गई है। इसी तर्ज पर प्रदेश के दूसरे प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी विकसित किया जा रहा है।

सरकार का लक्ष्य सिर्फ श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि धार्मिक पर्यटन के जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करना और इन क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित करना भी है।

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