सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले से सामने आई यह तस्वीर ग्रामीण इलाकों में बारिश के दौरान स्वास्थ्य और आवागमन की मुश्किलों को उजागर करती है। रघुराजनगर तहसील के सोहास क्षेत्र में सेमरावल नदी के उफान पर आने के बाद हालात ऐसे बन गए कि बीमार बुजुर्ग तक एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी।
बुधवार रात नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद सोहास और सेमरा की ओर जाने वाली सड़कों पर पानी भर गया। रास्ते जलमग्न होने की वजह से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई और गांव के अंदर तक एंबुलेंस पहुंचना मुश्किल हो गया।
इसी दौरान सेमरा निवासी 65 वर्षीय जगन्नाथ सिंह की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने तत्काल एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन बाढ़ के पानी के कारण एंबुलेंस रास्ते में ही रुक गई।
बुजुर्ग की हालत को देखते हुए परिजनों और ग्रामीणों ने बिना देर किए उन्हें चारपाई पर लिटाया और कंधों पर उठाकर पैदल एंबुलेंस तक ले जाने का फैसला किया। करीब तीन किलोमीटर तक ग्रामीण पानी और खराब रास्ते के बीच चारपाई लेकर चलते रहे।
इस दौरान बुजुर्ग के परिवार की चिंता साफ नजर आई। किसी तरह एंबुलेंस तक पहुंचने के बाद जगन्नाथ सिंह को इलाज के लिए अस्पताल रवाना किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में सेमरावल नदी के उफान पर आने के बाद क्षेत्र का संपर्क प्रभावित हो जाता है। सड़क पर पानी भरने से सामान्य वाहनों के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं की गाड़ियां भी गांव तक नहीं पहुंच पातीं।
सवाल यह है कि जब किसी गांव में अचानक कोई गंभीर रूप से बीमार पड़ जाए या आपात स्थिति पैदा हो जाए, तो क्या उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को हर बार इसी तरह चारपाई का सहारा लेना पड़ेगा?
सेमरावल नदी के उफान के बाद सामने आई यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क, पुल-पुलिया और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत को सामने लाती है।

