ईरान-इजराइल जंग और भड़की, नए सुप्रीम लीडर अली रेजा अराफी की मौत का दावा, मिडिल ईस्ट में मिसाइल हमलों से हड़कंप

मिडिल ईस्ट में इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध अब और भी भयावह मोड़ लेता नजर आ रहा है। इसी बीच बड़ी खबर सामने आई है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर अली रेजा अराफी को भी इजराइल ने मार गिराया है। यह दावा अमेरिका के पूर्व एनएसए अधिकारी ने किया है, हालांकि इजराइल और अमेरिका की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि अली रेजा अराफी को अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद सर्वोच्च नेता बनाया गया था।

इधर ईरान ने दावा किया है कि उसने एक अमेरिकी एफ-15 फाइटर जेट को मार गिराया है। ईरानी मीडिया और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक एफ-15 विमान को आग की लपटों के साथ घूमते हुए नीचे गिरते दिखाया गया है। हालांकि इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

इजराइल की एम्बुलेंस सर्विस के मुताबिक, ईरान ने मिसाइलों के जरिए इजराइल के शहर बेत शेमेश पर हमला किया, जिसमें कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई। 28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग के बाद से यह इजराइल पर सबसे घातक हमलों में से एक बताया जा रहा है। वहीं ईरान ने अबू धाबी और कुवैत में भी मिसाइल हमले किए हैं। कुवैत में 5 से 6 धमाकों की आवाज सुनी गई। कुवैत स्थित अमेरिकी दूतावास ने मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया है।

इजराइल ने भी जवाबी कार्रवाई में ईरान के सनंदज शहर पर हमले किए, जिसमें दो लोगों की मौत की खबर है। ईरानी न्यूज एजेंसी फार्स के अनुसार, शहर के पुलिस स्टेशन के पास स्थित कई रिहायशी इमारतें मिसाइल हमलों में तबाह हो गईं। बताया जा रहा है कि घनी आबादी वाले इलाकों में छह मिसाइलें दागी गईं। इसके अलावा इजराइल ने लेबनान में भी हमले किए, जहां रिपोर्ट्स के मुताबिक 31 लोगों की मौत और 149 लोग घायल हुए हैं।

बहरीन में हालात को देखते हुए एयर रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। मनामा को अन्य शहरों से जोड़ने वाला शेख खलीफा बिन सलमान ब्रिज बंद कर दिया गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

ईरान के हमलों के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। सऊदी अरब और जॉर्डन ने अपने यहां मौजूद ईरानी राजदूतों को तलब किया है। वहीं संयुक्त अरब अमीरात ने तेहरान से अपने राजदूत को वापस बुला लिया है। इससे पहले कतर और कुवैत भी ईरान के राजदूतों को तलब कर चुके हैं। क्षेत्र में हालात तेजी से बदल रहे हैं और पूरी दुनिया की नजरें अब इस बढ़ते संघर्ष पर टिकी हैं।

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