मिडिल ईस्ट के आसमान में जारी तनाव और मिसाइल हमलों के बीच अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं। कई देशों ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है और इसी अफरातफरी के बीच Air Arabia की एक फ्लाइट को इमरजेंसी में पाकिस्तान के कराची एयरपोर्ट पर उतारना पड़ा। इस फ्लाइट में सवार आठ भारतीय यात्री अब कराची में फंसे हुए हैं, जिनमें केरल के तीन लोग भी शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक यात्री अजरबैजान के बाकू से कुवैत जा रहे थे, लेकिन मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष और बंद एयरस्पेस की वजह से फ्लाइट को डायवर्ट करना पड़ा। यह सूचना केरल सरकार की एजेंसी NORKA Roots ने दी है, जो गैर-निवासी केरलवासियों के मामलों को देखती है। एजेंसी ने बताया कि वह भारत के विदेश मंत्रालय के संपर्क में है और यात्रियों को सुरक्षित वापस लाने की कोशिश की जा रही है।
कराची एयरपोर्ट पर फंसे यात्री अपनी अगली उड़ान का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि खाड़ी देशों के लिए उड़ानें फिलहाल बाधित हैं। अधिकारियों के अनुसार, कराची से भारत लाने के लिए कोलंबो के रास्ते वापसी की योजना पर विचार किया जा रहा है। साथ ही खाड़ी क्षेत्र में फंसे एनआरके और उनके परिवारों की मदद के लिए हेल्प डेस्क भी शुरू की गई है।
फ्लाइट में सवार यात्रियों में पालक्काड के कृष्णदास, उनकी पत्नी डॉ. रेश्मी मेनन और तीन साल की बेटी स्मृति मेनन भी शामिल हैं। यह परिवार बाकू से शारजाह होते हुए कुवैत जा रहा था। अन्य भारतीय यात्री भी इसी उड़ान में मौजूद थे।
गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीधी हवाई सेवा नहीं है और दोनों देश एक-दूसरे को अपना एयरस्पेस इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देते। ऐसे में कराची में फ्लाइट का उतरना और यात्रियों का वहां फंस जाना एक असामान्य स्थिति बन गई है।
इसी बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर ने पूरे मुस्लिम जगत, खासकर पाकिस्तान में, तीखी प्रतिक्रियाएं पैदा कर दी हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब आम यात्रियों की जिंदगी पर भी साफ दिखाई दे रहा है।

