अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते तनाव और जंग के माहौल के बीच ईरान ने एक बड़ा और चौंकाने वाला ऐलान किया है। ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खातिबजादेह ने संकेत दिए हैं कि यदि अमेरिका की ओर से एक बेहतर और संतोषजनक प्रस्ताव दिया जाता है, तो ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से खत्म करने के लिए तैयार है। स्काई न्यूज अरबिया की रिपोर्ट के मुताबिक यह पहली बार है जब ईरान ने आधिकारिक तौर पर अपने पूरे न्यूक्लियर प्रोग्राम को बंद करने की पेशकश की है। अब तक ईरान केवल यूरेनियम संवर्धन को कम करने की बात करता रहा था, लेकिन इस बार उसने अपने पूरे परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने की बात कहकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है।
समझौते के लिए मिडिल ईस्ट के 12 देश कर रहे कोशिश
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम कराने और समझौता कराने के लिए मध्य पूर्व के करीब 12 देश सक्रिय रूप से प्रयास कर रहे हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ये देश लगातार अमेरिका के साथ संपर्क में हैं और दोनों पक्षों के बीच बातचीत का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं। इस पहल की अगुवाई तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान कर रहे हैं, जो ओमान और सऊदी अरब के साथ मिलकर अमेरिका पर समझौते के लिए दबाव बना रहे हैं। इससे पहले न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में भी दावा किया गया था कि अमेरिका और ईरान के बीच गुप्त रूप से बातचीत चल रही है, ताकि तनाव को कम किया जा सके और किसी बड़े टकराव को रोका जा सके।
ईरान के पास 460 किलो संवर्धित यूरेनियम
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के अनुसार फिलहाल ईरान के पास लगभग 460 किलो संवर्धित यूरेनियम मौजूद है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस मात्रा से सैद्धांतिक रूप से करीब 11 परमाणु बम बनाए जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि यह यूरेनियम लगभग 60 प्रतिशत तक संवर्धित है, जबकि एक परमाणु हथियार बनाने के लिए इसे लगभग 90 प्रतिशत तक संवर्धित करना पड़ता है।
ओमान और जिनेवा में हो चुकी है गुप्त बातचीत
अमेरिकी हमलों से पहले भी अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के कई दौर हो चुके हैं। पहले ओमान और बाद में जिनेवा में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने इस मुद्दे पर चर्चा की थी। अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ के मुताबिक उन बैठकों में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने केवल यूरेनियम संवर्धन को कम करने की बात कही थी। उस बैठक में ईरान की ओर से उप विदेश मंत्री खातिबजादेह भी मौजूद थे, जबकि अमेरिका की ओर से स्टीव विटकॉफ और डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनेर शामिल हुए थे। अब ईरान की ओर से पूरे परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने की पेशकश सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई कूटनीतिक हलचल शुरू हो गई है और दुनिया की नजरें इस संभावित समझौते पर टिकी हुई हैं।

