इजरायल और ईरान के बीच जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब भारत के चार दिवसीय दौरे पर हैं। 4 मार्च से 7 मार्च तक चल रहे इस दौरे के दौरान गुरुवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता की। इस दौरान अलेक्जेंडर स्टब ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की जमकर सराहना की और कहा कि बदलते वैश्विक हालात में भारत की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती जा रही है।
दुनिया भारत जैसी बने – स्टब की अपील
फिनलैंड के राष्ट्रपति ने वैश्विक हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि दुनिया इस समय नए ग्लोबल ऑर्डर की ओर बढ़ रही है और भारत इसमें अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने साफ कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी यूएनएससी में भारत को स्थायी सदस्यता मिलना बेहद जरूरी है। अलेक्जेंडर स्टब ने दुनिया से अपील करते हुए कहा कि दुनिया को भारत से सीखना चाहिए, क्योंकि भारत हमेशा दूसरों की संप्रभुता का सम्मान करता है और व्यावहारिक सोच के साथ आगे बढ़ता है।
भारत और यूरोप के रिश्ते नए दौर में
अलेक्जेंडर स्टब ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और यह रणनीतिक साझेदारी भविष्य के लिए बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि भारत ग्लोबल साउथ के देशों के साथ मिलकर तय करेगा कि आने वाले समय में दुनिया का नया वैश्विक ढांचा किस दिशा में आगे बढ़ेगा।
किसी भी समस्या का समाधान युद्ध नहीं – पीएम मोदी
इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वैश्विक हालात पर अपनी बात रखते हुए कहा कि भारत और फिनलैंड दोनों ही कानून के शासन, संवाद और कूटनीति में विश्वास रखने वाले देश हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान केवल युद्ध से नहीं निकल सकता, चाहे वह यूक्रेन का मुद्दा हो या फिर पश्चिम एशिया का संघर्ष। भारत हमेशा शांति की दिशा में प्रयास करता रहा है और आगे भी दुनिया में संघर्ष खत्म कराने के लिए अपनी कोशिशें जारी रखेगा।
दुनिया अनिश्चितता के दौर से गुजर रही
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया अस्थिरता और अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। यूक्रेन से लेकर पश्चिम एशिया तक कई क्षेत्रों में संघर्ष जारी है। ऐसे माहौल में भारत और यूरोप के बीच बढ़ता सहयोग वैश्विक स्थिरता, विकास और साझा समृद्धि के लिए नई ताकत बन सकता है। उन्होंने बताया कि 2026 की शुरुआत में भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते यानी एफटीए पर ऐतिहासिक हस्ताक्षर हुए हैं, जिससे भारत और फिनलैंड के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को और मजबूती मिलेगी। साथ ही डिजिटल तकनीक, बुनियादी ढांचे और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर भविष्य की नई संभावनाएं तैयार करेंगे।

