मैहर। चैत्र नवरात्रि के पहले ही दिन मध्यप्रदेश के मैहर में भक्ति अपने चरम पर नजर आ रही है, त्रिकूट पर्वत पर विराजमान मां शारदा के दरबार में देशभर से श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है और हर ओर “जय माता दी” के जयकारे गूंज रहे हैं, करीब 600 फीट ऊंचे इस पर्वत पर स्थित मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालु 1060 सीढ़ियां चढ़कर या रोपवे के जरिए दर्शन करने पहुंच रहे हैं, जहां आस्था और उत्साह का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है
पौराणिक मान्यता के अनुसार मां शारदा का यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है, कहा जाता है कि भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र से माता सती का हार यहीं गिरा था, इसी कारण इस स्थान का नाम मैहर पड़ा, मंदिर के पुजारी के अनुसार मां शारदा वह शक्ति हैं जो इंसान के अंदर के अहंकार को हर लेती हैं और भक्तों को सही मार्ग दिखाती हैं
मां शारदा धाम का संबंध लोककथाओं से भी जुड़ा हुआ है, मान्यता है कि वीर योद्धा आल्हा आज भी ब्रह्ममुहूर्त में आकर माता की प्रथम पूजा करते हैं, कई बार ऐसे प्रमाण भी मिले हैं जब मंदिर के पट बंद होने के बाद सुबह खोलने पर अगरबत्ती जलती हुई पाई गई या ऐसे फूल मिले जो आसपास कहीं नहीं मिलते, यह आस्था और विश्वास को और गहरा कर देता है
नवरात्रि के नौ दिनों में मां शारदा के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है, जो श्रद्धालु मंदिर तक नहीं पहुंच पाते वे भी घर पर व्रत रखकर और मां का नाम जपकर उनकी कृपा प्राप्त कर सकते हैं
वहीं भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी की जा रही है, 40 महिला पुलिसकर्मियों सहित 600 से ज्यादा जवान तैनात हैं, साथ ही बम स्क्वॉड की टीमें सिविल ड्रेस में 24 घंटे मुस्तैद हैं, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, स्वास्थ्य और भोजन की भी बेहतर व्यवस्था की गई है, जिससे हर भक्त सुरक्षित और सहज तरीके से मां के दर्शन कर सके

