खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा में शासकीय छात्रावास के छात्रों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा, जब उन्होंने खाने की खराब गुणवत्ता और हॉस्टल स्टाफ के रवैये के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया। छात्र हाथों में खाने की थालियां लेकर करीब चार किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन को अपनी शिकायत सौंप दी।
यह मामला लालचौकी क्षेत्र स्थित सीनियर संयुक्त परियोजना बालक छात्रावास का है। छात्रों का आरोप है कि छात्रावास में परोसे जा रहे भोजन में कई बार मरे हुए कीड़े और इल्लियां निकल चुकी हैं। इतना ही नहीं, उन्हें खराब चावल और निम्न गुणवत्ता का भोजन भी लगातार परोसा जा रहा है।
छात्रों का कहना है कि जब भी उन्होंने इस गंभीर समस्या की शिकायत हॉस्टल स्टाफ से की, तो समाधान करने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें ही डांटकर चुप करा दिया गया। लगातार अनदेखी से परेशान होकर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लिया और थालियां लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए।
कलेक्ट्रेट में छात्रों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई और छात्रावास स्टाफ को हटाने की मांग की। छात्रों का कहना है कि वे बेहतर भोजन और सम्मानजनक व्यवहार चाहते हैं, क्योंकि यह उनके स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़ा मामला है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह ने छात्रों से बातचीत की और संबंधित विभाग की टीम को छात्रावास भेजकर जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
अब सभी की नजर प्रशासन की जांच पर है। देखना होगा कि छात्रों की शिकायतों पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है और क्या उन्हें सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल पाता है या नहीं।

