इंदौर। इंदौर में घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग के बड़े खेल का खुलासा हुआ है, जहां 12 मार्च को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने न्यू लोहा मंडी इलाके में छापा मारकर अवैध गैस गोदाम पकड़ा, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि कार्रवाई की असली रफ्तार 6 दिन बाद दिखी और 18 मार्च को इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई, जबकि आरोपी छापे के दिन से ही फरार है और अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है।
कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में टीम ने हरिओम गुप्ता के गोदाम पर दबिश दी, जहां से 24 व्यावसायिक और 42 घरेलू गैस सिलेंडर समेत कुल 66 सिलेंडर बरामद किए गए, जांच में सामने आया कि घरेलू सिलेंडरों का अवैध तरीके से कमर्शियल इस्तेमाल किया जा रहा था और मौके पर ही गैस रिफिलिंग का काम भी चल रहा था, जो एक बड़ा सुरक्षा खतरा साबित हो सकता था।
छापेमारी के दौरान मौके से तीन इलेक्ट्रिक मोटर, दो तौल कांटे और सिलेंडरों की ढुलाई में इस्तेमाल हो रही बुलेट मोटरसाइकिल भी जब्त की गई, अधिकारियों के मुताबिक इस गोदाम से लंबे समय से अवैध सप्लाई और रिफिलिंग का कारोबार चल रहा था, लेकिन छापा पड़ते ही आरोपी मौके से फरार हो गया और विभाग उसे पकड़ नहीं सका।
हालांकि गोदाम को उसी दिन सील कर दिया गया था, लेकिन कानूनी कार्रवाई में देरी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, अब 18 मार्च को एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है और सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है, वहीं प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि घरेलू गैस का दुरुपयोग और कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी यही है कि छापे के बाद आरोपी फरार कैसे हो गया और अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हो पाई।

