वाराणसी/भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज वाराणसी में आयोजित MP-UP सहयोग सम्मेलन 2026 में भाग लेने जा रहे हैं, जहां दोनों राज्यों के बीच औद्योगिक, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा देने पर फोकस रहेगा, इस सम्मेलन को मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के लिए एक बड़ा अवसर माना जा रहा है, जो निवेश, व्यापार, पर्यटन और पारंपरिक शिल्प को नई गति देने वाला साबित हो सकता है।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने अपने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए कहा कि यह सम्मेलन दोनों राज्यों की औद्योगिक क्षमताओं, पारंपरिक शिल्प, ODOP और GI टैग उत्पादों, कृषि एवं खाद्य उत्पादों, निवेश अवसरों और पर्यटन संभावनाओं को एक मंच पर लाने का महत्वपूर्ण अवसर है, जिससे इन क्षेत्रों में नए आयाम खुलेंगे।
इस सम्मेलन में विशेष रूप से One District One Product यानी ODOP योजना, GI टैग वाले उत्पाद, पारंपरिक शिल्प जैसे चंदेरी, महेश्वरी और बनारसी सिल्क, कृषि और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर, निवेश के नए अवसर और धार्मिक व सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा की जाएगी।
मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश दोनों ही राज्य अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प और कृषि उत्पादों के लिए जाने जाते हैं, ऐसे में इस सम्मेलन के जरिए इन उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने, संयुक्त निवेश को बढ़ावा देने और पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करने की रणनीति तैयार की जाएगी।
इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भ्रमण भी करेंगे और वहां की व्यवस्थाओं का अवलोकन करेंगे, साथ ही विक्रमोत्सव महानाट्य की तैयारियों का निरीक्षण भी उनके कार्यक्रम में शामिल है, ऐसे में यह दौरा दोनों राज्यों के बीच सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

