सड़क चौड़ीकरण के नाम पर व्यापारियों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जीटी रोड स्थित लाल बहादुर शास्त्री पार्क में बड़ा धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने प्रशासन पर मनमानी कार्रवाई का आरोप लगाते हुए प्रभावित व्यापारियों को उचित मुआवजा और पुनर्वास देने की मांग उठाई।
धरने में शामिल नेताओं ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर मकान और दुकानों को तोड़ा जा रहा है, लेकिन प्रभावित लोगों के लिए अब तक कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं की गई है। कांग्रेस नेताओं ने जीटी रोड स्टेशन मार्ग पर फैली गंदगी की सफाई, सड़क पर पड़े मलबे को हटाने, पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की बढ़ती कीमतों को कम करने की मांग भी उठाई।
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने नगर पालिका और रेलवे द्वारा प्रस्तावित ग्रीन पार्क में पूर्व प्रधानमंत्री Lal Bahadur Shastri की प्रतिमा स्थापित कर पार्क का नाम “शास्त्री पार्क” रखने की मांग भी की।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन बिना स्पष्ट सीमांकन के कार्रवाई कर रहा है, जिससे व्यापारियों में डर और भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की दुकानें और रोजगार प्रभावित हो रहे हैं, उन्हें पहले वैकल्पिक व्यवस्था और राहत दी जानी चाहिए।
धरने में मौजूद नेताओं ने कहा कि बुलडोजर कार्रवाई बिना पारदर्शी प्रक्रिया के की जा रही है और व्यापारियों को अपमानित किया जा रहा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें नहीं मानी गईं तो डीएम कार्यालय का घेराव कर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
वहीं व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने भी प्रशासन से मुलाकात कर सड़क चौड़ीकरण और सिक्स लेन निर्माण से प्रभावित व्यापारियों की समस्याएं उठाई हैं। व्यापारियों की मांग है कि जिनकी दुकानें टूट रही हैं उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए और दक्षिण पटरी के प्रभावित दुकानदारों को व्यवस्थित तरीके से दूसरी जगह बसाया जाए।
व्यापारियों का कहना है कि वे विकास कार्यों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जिनकी आजीविका खत्म हो रही है उनके पुनर्वास की व्यवस्था पहले की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि नई जगह उपलब्ध कराने के बाद ही पुरानी दुकानें हटाई जाएं और सड़क किनारे सर्विस लेन बनाई जाए ताकि बाजार में जाम की समस्या कम हो सके।

