भोपाल। मध्यप्रदेश में 10वीं और 12वीं की पढ़ाई अब महंगी हो गई है, माध्यमिक शिक्षा मंडल ने नई प्रवेश नीति जारी करते हुए परीक्षा शुल्क, नामांकन और अन्य फीस में बढ़ोतरी कर दी है, जिससे छात्रों और अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
नई व्यवस्था के तहत नियमित विद्यार्थियों को अब 1200 की जगह 1500 रुपए परीक्षा शुल्क देना होगा, जबकि स्वाध्यायी छात्रों के लिए फीस 1600 रुपए तय की गई है, वहीं कक्षा 9वीं का नामांकन शुल्क 350 से बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया गया है और 10 साल पुरानी अंकसूची की प्रति के लिए अब 600 की जगह 1000 रुपए देने होंगे।
इसके अलावा डीएलएड परीक्षा शुल्क में भी इजाफा किया गया है, नियमित छात्रों के लिए सभी विषयों का शुल्क 7 हजार रुपए तक पहुंच गया है, जबकि दूसरे अवसर के लिए यह राशि विषयों के अनुसार 3 हजार से 7 हजार रुपए तक तय की गई है, साथ ही स्कूलों की संबद्धता फीस भी बढ़ाई गई है।
नई नीति में नियम भी सख्त किए गए हैं, अब अगर किसी छात्र को गलत तरीके से प्रवेश दिया जाता है तो संबंधित प्राचार्य पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा, जो छात्र से नहीं वसूला जाएगा, साथ ही 10वीं में लागू बेस्ट ऑफ फाइव सिस्टम को भी खत्म कर दिया गया है और अब सभी विषयों के अंक जोड़ना अनिवार्य होगा।
प्रवेश प्रक्रिया के अनुसार कक्षा 9वीं के लिए ऑनलाइन नामांकन 15 मई से 30 सितंबर तक होगा, जबकि 10वीं और 12वीं के परीक्षा फॉर्म 15 मई से 15 सितंबर तक भरे जाएंगे, आवेदन में अपार आईडी नंबर देना जरूरी होगा और फॉर्म भरने के 7 दिन बाद छात्रों को डमी एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे, जिनका सत्यापन स्कूल और अभिभावकों द्वारा किया जाएगा।

