पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के आदिवासी बहुल गांव टेढ़ी मझौली से ग्रामीणों की परेशानी सामने आई है। यहां जर्जर सड़क और गड्ढों से परेशान ग्रामीणों ने गुनौर विधायक डॉ. राजेश वर्मा का रास्ता रोककर अपनी समस्या बताई और सड़क निर्माण की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि खराब रास्ते के कारण सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और मरीजों को उठानी पड़ रही है। बच्चों का स्कूल पहुंचना मुश्किल हो गया है, वहीं किसी के बीमार होने पर उसे अस्पताल तक ले जाना भी बड़ी चुनौती बन जाता है।
इस दौरान गांव की महिलाओं ने भावुक होकर विधायक के सामने अपनी समस्या रखी। उनकी शिकायत सिर्फ सड़क को लेकर नहीं थी, बल्कि उनका कहना था कि अगर गांव तक बेहतर सड़क नहीं होगी तो बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर भी इसका असर पड़ेगा।
ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद गुनौर विधायक डॉ. राजेश वर्मा ने उन्हें आश्वासन दिया कि करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से 2 किलोमीटर लंबी सड़क को स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर सड़क का निर्माण शुरू कराया जाएगा।
हालांकि ग्रामीणों के सामने अभी भी बड़ा सवाल यही है कि जब तक नई सड़क बनकर तैयार नहीं होती, तब तक आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है।
क्योंकि किसी गांव में सड़क सिर्फ आने-जाने का रास्ता नहीं होती, बल्कि वही बच्चों के स्कूल, मरीजों के अस्पताल और लोगों के रोजगार तक पहुंचने की राह भी होती है। अब ग्रामीणों को इंतजार है कि करीब 3 करोड़ रुपये की स्वीकृत सड़क आखिर कब कागजों से निकलकर जमीन पर दिखाई देगी और उनके बच्चों के भविष्य की राह आसान होगी।

