बुधनी। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के प्रसिद्ध सलकनपुर देवी धाम में श्रद्धालुओं के साथ कथित मारपीट का मामला अब राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। घटना के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंदिर परिसर के पास प्रदर्शन करते हुए प्रशासन और मंदिर समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
दरअसल, कुछ दिन पहले देवास जिले से सलकनपुर देवी धाम पहुंचे श्रद्धालुओं का 20 रुपये की रसीद को लेकर विवाद हो गया था। आरोप है कि दर्शन के बाद वापस लौट रहे श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की गई और उनकी कार में भी तोड़फोड़ की गई। घटना के बाद पुलिस ने उसी रात एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी।
मंदिर गेट के सामने कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन
इसी मामले को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सलकनपुर देवी धाम के चढ़ाई मार्ग पर मंदिर गेट के सामने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई और मंदिर समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल सलकनपुर देवी धाम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर और आसपास श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होना जरूरी है।
राज्यपाल के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन रेहटी तहसीलदार को सौंपा। ज्ञापन में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने, मंदिर समिति की कथित अनियमितताओं की जांच कराने और मारपीट के आरोपियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग की गई।
इसके साथ ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की समस्याएं सुनने के लिए शिकायत काउंटर स्थापित करने की मांग भी कांग्रेस की ओर से की गई।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि श्रद्धालुओं के साथ इस तरह की घटनाएं किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकतीं। उनका कहना है कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन केवल एफआईआर दर्ज होना पर्याप्त नहीं है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और इस घटना के बाद सलकनपुर देवी धाम में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन और मंदिर समिति इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करती है।

