मंडला। मध्यप्रदेश के मंडला जिले स्थित कान्हा राष्ट्रीय उद्यान से बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां बीते एक महीने में 7 बाघों की मौत ने वन्यजीव संरक्षण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 6 बाघों की मौत महज 9 दिनों के भीतर हुई है, जिससे पूरे पार्क प्रशासन में हड़कंप मच गया है और स्थिति को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है।
पार्क प्रबंधन के अनुसार एक बाघ की मौत आपसी संघर्ष में हुई, जबकि बाकी 6 बाघों की मौत के पीछे केनाइन डिस्टेंपर वायरस यानी Canine Distemper Virus को जिम्मेदार बताया गया है, जो आमतौर पर कुत्तों में पाया जाता है लेकिन अब बाघों तक पहुंच चुका है।
इस खतरनाक वायरस के फैलाव को देखते हुए पार्क प्रशासन आसपास के गांवों में कुत्तों के वैक्सीनेशन अभियान की तैयारी कर रहा है, हालांकि बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि इतने बड़े नुकसान के बाद ही यह कदम क्यों उठाया गया।
यह पहली बार नहीं है जब इस वायरस ने वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाया हो, साल 2018 में गुजरात के गिर राष्ट्रीय उद्यान में भी इसी वायरस के कारण कई एशियाई शेरों की मौत हुई थी, जिससे देशभर में चिंता बढ़ी थी।
वहीं लगातार हो रही इन मौतों ने पार्क की मॉनिटरिंग और पेट्रोलिंग व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि कई बाघों के शव सड़ी-गली हालत में देर से मिले, जो सिस्टम की लापरवाही की ओर इशारा करता है।
स्थानीय पत्रकारों ने इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन भी शुरू कर दिया है और प्रबंधन के खिलाफ कई मांगें रखी हैं, ऐसे में अब सबकी नजर वन विभाग और NTCA पर है कि वे इस संकट से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।

