भोपाल। मध्य प्रदेश में इस बार न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर गेहूं खरीदी ने नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है। राज्य सरकार के उपार्जन अभियान के तहत प्रदेश पूरे देश में गेहूं खरीदी के मामले में पहले स्थान पर पहुंच गया है। इस सीजन में हुई रिकॉर्ड खरीद ने पिछले चार साल के सभी आंकड़े पीछे छोड़ दिए हैं और बीते 10 वर्षों में यह सबसे बड़ा गेहूं उपार्जन माना जा रहा है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस बार प्रदेश के 13 लाख 27 हजार से अधिक किसानों से गेहूं खरीदा जा चुका है। अब तक कुल 102 लाख मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड खरीदी की गई है, जिससे किसानों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। सरकार का दावा है कि किसानों को उनकी फसल का भुगतान भी तेजी से किया जा रहा है, ताकि उन्हें किसी तरह की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब तक खरीदे गए गेहूं के बदले किसानों के खातों में 22 हजार 165 करोड़ रुपये की बड़ी राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की जा चुकी है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है और किसानों के बीच सरकार की योजनाओं को लेकर भरोसा बढ़ा है।
प्रदेश में गेहूं खरीदी का काम अभी भी जारी है। किसानों की सुविधा को देखते हुए सरकार ने खरीदी की अंतिम तारीख 23 मई से बढ़ाकर अब 28 मई कर दी है। प्रशासन ने उन किसानों से अपील की है, जो अभी तक अपनी उपज नहीं बेच पाए हैं, वे बढ़ी हुई अवधि का लाभ उठाते हुए खरीदी केंद्रों पर पहुंचकर अपना गेहूं बेच सकते हैं।

