नर्मदापुरम। गंगा दशहरा के पावन अवसर पर मंगलवार को नर्मदापुरम पूरी तरह भक्ति और श्रद्धा में डूबा नजर आया। सुबह सूर्योदय से पहले ही मां नर्मदा के प्रमुख घाटों सेठानी घाट, कोरी घाट, गोंदरी घाट और विवेकानंद घाट पर हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना की और दान-पुण्य कर सुख-समृद्धि की कामना की। घाटों पर सुबह से ही धार्मिक माहौल देखने को मिला और “हर-हर नर्मदे” के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार गंगा दशहरा के दिन भगीरथ कठोर तपस्या के बाद मां गंगा को धरती पर लेकर आए थे। पंडित शुभम दीक्षित के मुताबिक ऐसी मान्यता भी है कि इस विशेष दिन मां गंगा अपनी बहन मां नर्मदा से मिलने आती हैं। यही वजह है कि गंगा दशहरा पर नर्मदा स्नान का महत्व और भी बढ़ जाता है। मान्यता है कि इस दिन मां नर्मदा में स्नान करने से गंगा स्नान के समान पुण्य प्राप्त होता है और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
शाम को नर्मदापुरम के प्रसिद्ध सेठानी घाट पर भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा। बनारस की तर्ज पर 251 दीपों से मां नर्मदा की महाआरती की जाएगी, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। महाआरती के संयोजक प्रशांत मुन्नू दुबे ने बताया कि इस परंपरा की शुरुआत वर्ष 2010 में गंगा दशहरा के दिन हुई थी और इस बार इस आयोजन के 16 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इसी को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट नजर आया। सेठानी घाट, कोरी घाट, परमहंस घाट और विवेकानंद घाट समेत सभी प्रमुख घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल, होमगार्ड और गोताखोरों की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

