नेहरू की पुण्यतिथि पर छिड़ा सियासी संग्राम! दिग्विजय के ‘बहुसंख्यक सांप्रदायिकता’ वाले बयान पर भड़के रामेश्वर शर्मा, बोले- कांग्रेस को हमेशा हिंदू ही खटकता है

भोपाल। पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़ा सियासी घमासान देखने को मिला। भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए ‘बहुसंख्यक सांप्रदायिकता’ को देश के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने तीखा पलटवार करते हुए कांग्रेस पर हिंदुओं के खिलाफ राजनीति करने का आरोप लगा दिया।

भोपाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू हमेशा सांप्रदायिकता के खिलाफ रहे और उन्होंने चेतावनी दी थी कि बहुसंख्यक सांप्रदायिकता देश के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश में संविधान और नेहरू की विचारधारा को बदलने की कोशिश की जा रही है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि सांप्रदायिकता समाज में नफरत और विभाजन पैदा करती है और वर्तमान समय में देश इसी चुनौती का सामना कर रहा है।

दिग्विजय सिंह ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि पंडित नेहरू ने संविधान में जिन मूल्यों और विचारों को शामिल कराया था, आज उन्हें कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में नफरत और ध्रुवीकरण की राजनीति बढ़ रही है, जो लोकतंत्र और संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।

दिग्विजय सिंह के बयान पर बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नेहरू से लेकर दिग्विजय सिंह तक कांग्रेस नेताओं की नजरों में हमेशा हिंदू ही खटकता रहा है। रामेश्वर शर्मा ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या देश का विभाजन हिंदुओं ने कराया था? क्या मोहम्मद अली जिन्ना हिंदू थे, जिन्होंने देश के टुकड़े किए?

रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा अलगाववाद को बढ़ावा देती रही है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज कभी सांप्रदायिक नहीं रहा, बल्कि पूरी दुनिया को ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का संदेश देने वाला रहा है। लेकिन अब हिंदू समाज जाग चुका है और अपनी संस्कृति और मातृभूमि की रक्षा के लिए तैयार है।

नेहरू की पुण्यतिथि पर शुरू हुआ यह बयानबाजी का दौर अब मध्य प्रदेश की राजनीति में नया विवाद बनता नजर आ रहा है। कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही दल सांप्रदायिकता, संविधान और इतिहास को लेकर आमने-सामने आ गए हैं, जिससे प्रदेश की सियासत और गरमा गई है।

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