सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले के चित्रकूट से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति की नाराजगी का खामियाजा पूरे शहर को भुगतना पड़ा। लगातार दूसरे दिन लोगों को ब्लैकआउट का सामना करना पड़ा और भीषण गर्मी के बीच घंटों तक पूरा शहर अंधेरे में डूबा रहा।
जानकारी के मुताबिक तेज अंधड़ की वजह से चित्रकूट की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो गई थी। बिजली विभाग की टीम ने घंटों की मेहनत के बाद सप्लाई बहाल की, लेकिन कुछ ही देर बाद स्थिति फिर बिगड़ गई। आरोप है कि तीन लोग सीधे सब-स्टेशन पहुंच गए और अपने इलाके की बिजली ठीक कराने की मांग को लेकर पूरे शहर की बिजली बंद करा दी।
सब-स्टेशन के ऑपरेटर का दावा है कि इनमें एक न्यायिक अधिकारी भी शामिल थे। ऑपरेटर के अनुसार उनसे कहा गया कि जब तक उनके घर की बिजली बहाल नहीं होगी, तब तक पूरे शहर की बिजली चालू नहीं होने दी जाएगी। इसके बाद बिजली आपूर्ति दोबारा बंद हो गई और पूरा शहर फिर अंधेरे में डूब गया।
बिजली कटौती के चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। घरों में पानी की सप्लाई प्रभावित हो गई, इन्वर्टर जवाब दे गए और गर्मी व उमस ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। करीब 18 घंटे के इंतजार के बाद लोगों को कुछ मिनट के लिए बिजली मिली, लेकिन फिर सप्लाई बाधित हो गई।
इस घटना से नाराज बड़ी संख्या में लोग बिजली विभाग के कार्यालय और पावर हाउस पहुंच गए। लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालात बिगड़ते देख प्रशासन और पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा।
बाद में बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने थाने पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है।
अब इस मामले ने पूरे क्षेत्र में चर्चा छेड़ दी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या किसी एक व्यक्ति की मांग के कारण पूरे शहर को अंधेरे में डुबो देना उचित है। वहीं प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

