धार। तेलंगाना के भाजपा विधायक और हिंदूवादी नेता टी राजा सिंह मध्य प्रदेश के धार जिले स्थित ऐतिहासिक भोजशाला पहुंचे, जहां उनका हिंदू संगठनों और श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच टी राजा भोजशाला परिसर पहुंचे और मां वाग्देवी की आरती कर दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कई महत्वपूर्ण बातें कहीं।
टी राजा ने कहा कि पहले जब भी वह भोजशाला आते थे तो यहां की परिस्थितियों को देखकर मन में पीड़ा लेकर लौटते थे, लेकिन अब हालात बदलते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भोजशाला से जुड़ा संघर्ष लंबे समय से चल रहा था और आज यहां का माहौल हिंदू समाज के लिए सकारात्मक संदेश देने वाला है।
सभा को संबोधित करते हुए टी राजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से जुड़े विषयों को महत्व दिया है। साथ ही उन्होंने भोजशाला को लेकर अपने विचार रखते हुए कहा कि यह स्थान देश की आस्था और इतिहास से जुड़ा महत्वपूर्ण केंद्र है।
टी राजा सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की कि लंदन में मौजूद मां वाग्देवी की मूल प्रतिमा को भारत वापस लाने के लिए प्रयास किए जाएं। उनका कहना था कि प्रतिमा की वापसी होने पर भोजशाला की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान और मजबूत होगी तथा यह स्थान देशभर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
अपने संबोधन में टी राजा ने यह भी कहा कि अयोध्या के बाद भोजशाला को हिंदू समाज की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में काशी और मथुरा से जुड़े मुद्दों पर भी समाधान निकलने की उम्मीद है। उनके इस बयान के बाद भोजशाला परिसर में मौजूद समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की।
टी राजा के धार दौरे और भोजशाला में दिए गए बयानों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं उनके दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई थी और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए था।

