टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले से जमीन विवाद का एक मामला सामने आया है, जिसने राजनीतिक माहौल को भी गर्मा दिया है। प्रदेश सरकार की मंत्री कृष्णा गौर की रिश्तेदार बताई जा रही एक जनप्रतिनिधि पर ग्रामीणों ने जमीन पर कब्जा करने और दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर अब विपक्ष भी सरकार पर हमलावर हो गया है और निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है।
ग्रामीणों के अनुसार जतारा जनपद पंचायत अध्यक्ष रेखा महेश यादव और उनके बेटे अनीकेत यादव पर फर्जी सीमांकन के जरिए गरीब किसानों की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश का आरोप है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को शिकायत सौंपते हुए कहा कि 27 मई को बड़ी संख्या में लोगों के साथ जेसीबी मशीन लेकर खेत में पहुंचकर जबरन नाली की खुदाई कराई गई।
ग्रामीणों का दावा है कि जब उन्होंने इस कार्रवाई का विरोध किया तो उनके साथ अभद्रता, मारपीट और धमकी देने जैसी घटनाएं भी हुईं। पीड़ितों का आरोप है कि प्रभाव और रसूख का इस्तेमाल करते हुए राजस्व रिकॉर्ड और पुराने नक्शों में बदलाव कराने की कोशिश की जा रही है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि आरोपी पक्ष मंत्री कृष्णा गौर से रिश्तेदारी का हवाला देकर अधिकारियों पर दबाव बनाता है और इसी वजह से स्थानीय स्तर पर उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वहीं इस विवाद पर कांग्रेस ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। टीकमगढ़ से कांग्रेस विधायक यादवेंद्र सिंह ने मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि सत्ता और रिश्तेदारी के प्रभाव का इस्तेमाल कर गरीबों की जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
फिलहाल यह मामला प्रशासन के पास पहुंच चुका है और अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन इस विवाद पर क्या कार्रवाई करता है।

