भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने देश की परीक्षा व्यवस्था को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बड़ा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से पिछले आठ वर्षों में हुए परीक्षा घोटालों पर एक विस्तृत श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।
दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में हाल ही में रद्द हुई NEET-UG 2026 परीक्षा का उल्लेख करते हुए कहा कि बार-बार परीक्षाओं का रद्द होना और स्थगित होना लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर रहा है। इससे युवाओं में अनिश्चितता, मानसिक तनाव और निराशा का माहौल बन रहा है, जिसे दूर करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
कांग्रेस नेता ने NEET-UG 2024 और UGC-NET 2024 जैसी परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन मामलों में अब तक हुई जांच और कार्रवाई की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि छात्रों और अभिभावकों का भरोसा परीक्षा प्रणाली में दोबारा कायम हो सके।
अपने पत्र में दिग्विजय सिंह ने मांग की कि केंद्र सरकार पिछले आठ वर्षों में हुए सभी पेपर लीक मामलों और परीक्षा घोटालों का पूरा ब्योरा देश के सामने रखे। साथ ही NTA और अन्य जांच एजेंसियों द्वारा की गई कार्रवाई, दाखिल की गई चार्जशीट और जांच रिपोर्ट को भी सार्वजनिक किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न राज्यों में पकड़े गए आरोपियों की वर्तमान कानूनी स्थिति और उन पर हुई कार्रवाई की जानकारी भी पारदर्शी तरीके से सामने आनी चाहिए। दिग्विजय सिंह का कहना है कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाकर ही छात्रों का विश्वास बहाल किया जा सकता है।

