धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में एक कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर यानी सीएचओ का सोशल मीडिया वीडियो चर्चा का विषय बन गया है। जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में की गई उनकी टिप्पणी के बाद मामला तूल पकड़ गया है। वीडियो वायरल होने के बाद अब उनकी नौकरी पर भी संकट के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, धार जिले के बाग ब्लॉक के काकड़वा गांव में पदस्थ सीएचओ किरण भाटिया ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया था। वीडियो में उन्होंने हाल के छात्र प्रदर्शनों और मौजूदा परिस्थितियों को लेकर अपनी व्यक्तिगत राय व्यक्त की थी। यह वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर प्रतिक्रिया देखने को मिली।
विवाद बढ़ने के बाद कुछ जनप्रतिनिधियों और संगठनों ने इसे सरकारी सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन का मामला बताते हुए कार्रवाई की मांग की। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लिया। धार की मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने इस संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई की अनुशंसा की है।
वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित सीएचओ ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट हटा दी और सफाई देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का समर्थन या विरोध करना नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी टिप्पणी से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो उन्हें इसका खेद है।
अब यह मामला प्रशासनिक जांच के दायरे में है और आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। फिलहाल, सोशल मीडिया पर व्यक्त की गई व्यक्तिगत राय और सरकारी कर्मचारियों के सेवा नियमों को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।

