मध्य प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के हालिया बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार करते हुए उन पर जमकर निशाना साधा है। भाजपा प्रदेश महामंत्री गौरव रणदीवे ने कहा कि जीतू पटवारी को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपनी पार्टी और अपने नेतृत्व पर ध्यान देना चाहिए।
गौरव रणदीवे ने कांग्रेस संगठन की स्थिति पर हमला बोलते हुए कहा कि यदि कांग्रेस के भीतर कोई आंतरिक सर्वे कराया जाए तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि मध्य प्रदेश के इतिहास में जीतू पटवारी सबसे असफल और कमजोर अध्यक्षों में गिने जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी को न संगठन की चिंता है, न कार्यकर्ताओं की और न ही वे अपने सार्वजनिक बयानों में मर्यादा का ध्यान रखते हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस आज गंभीर आंतरिक संकट से गुजर रही है और पार्टी लगातार कमजोर होती जा रही है। उनके अनुसार जीतू पटवारी के बयान उनकी व्यक्तिगत हताशा और निराशा को दर्शाते हैं। रणदीवे ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव में हार और राजनीतिक परिस्थितियों ने पटवारी को परेशान कर रखा है, जिसकी झलक उनके बयानों में साफ दिखाई देती है।
गौरव रणदीवे ने यह भी कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय आत्ममंथन करने की जरूरत है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जीतू पटवारी ने राजनीति में केवल दिखावटी गतिविधियों से चर्चा बटोरी है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई बड़ा काम नहीं किया। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि उनके हालिया बयानों में राज्यसभा नहीं पहुंच पाने की नाराजगी और राजनीतिक फ्रस्ट्रेशन साफ नजर आता है।
प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए रणदीवे ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार पूरी तरह मजबूत है और पार्टी के सभी विधायक एकजुट होकर प्रदेश के विकास और जनकल्याण के लिए काम कर रहे हैं।
इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और अधिक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

