भोपाल/इंदौर। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म हो गया है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों दल अपने-अपने समीकरण साधने में जुटे हैं। इसी बीच भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर उठ रहे असंतोष और अंदरूनी मतभेदों पर तीखा हमला बोला है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर वंशवाद और पुराने चेहरों को आगे बढ़ाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी में बार-बार वही नेता और मठाधीश दोहराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में नए लोगों को अवसर देने की परंपरा कमजोर पड़ चुकी है, जबकि भाजपा संगठन में काम करने वाले समर्पित कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने में विश्वास रखती है। शिवराज ने भाजपा प्रत्याशी रजनीश अग्रवाल का उदाहरण देते हुए कहा कि पार्टी ने उनके कार्य और समर्पण को देखते हुए उन्हें अवसर दिया है।
वहीं इंदौर में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राज्यसभा चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक संकेत दिया। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी निर्णय लेती है तो भाजपा तीसरा उम्मीदवार भी मैदान में उतार सकती है और उसे विजयी बनाने की क्षमता भी रखती है। विजयवर्गीय ने भाजपा उम्मीदवारों तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल को संगठन के समर्पित और अनुभवी कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने हमेशा पर्दे के पीछे रहकर पार्टी के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
दूसरी ओर कांग्रेस उम्मीदवार की घोषणा के बाद पार्टी के भीतर सामने आए असंतोष को लेकर भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने भी तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में उम्मीदवार चयन को लेकर विरोध के स्वर अब खुलकर सामने आने लगे हैं। उनके मुताबिक पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता खुद अपने नेतृत्व के फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं, जो कांग्रेस के भीतर बढ़ती नाराजगी को दर्शाता है।
आशीष अग्रवाल ने दावा किया कि कांग्रेस में जिस तरह की परिस्थितियां बन रही हैं, उससे क्रॉस वोटिंग की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। उन्होंने कहा कि जब किसी राजनीतिक दल के अपने लोग ही फैसलों पर असहमति जताने लगें, तो यह संगठन के भीतर भरोसे की कमी का संकेत माना जाता है। राज्यसभा चुनाव को लेकर अब दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और रणनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होती नजर आ रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में सियासी माहौल और भी गर्म होने की संभावना है।

