जबलपुर। अधिक मास के अंतिम दिनों में साध्वी हर्षानंद गिरी 11 दिवसीय विशेष साधना, तपस्या और एकांतवास की शुरुआत करने जा रही हैं। यह आध्यात्मिक अनुष्ठान 5 जून से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा। इस दौरान साध्वी ने मौन व्रत, अन्न त्याग, जूते-चप्पलों का त्याग और पूर्ण एकांतवास का संकल्प लिया है। उनका कहना है कि इस अवधि में वे किसी भी व्यक्ति से संपर्क नहीं करेंगी और पूरी तरह ईश्वर भक्ति, साधना और आत्मचिंतन में लीन रहेंगी।
इस विशेष साधना का संकल्प मां नर्मदा की पूजा-अर्चना के साथ लिया गया। साध्वी हर्षानंद गिरी का मानना है कि यह तपस्या केवल व्यक्तिगत साधना नहीं, बल्कि समाज में आध्यात्मिक चेतना, सकारात्मक ऊर्जा और सनातन मूल्यों के प्रसार का माध्यम भी बनेगी। उन्होंने कहा कि साधना के इन 11 दिनों में उनका पूरा समय ध्यान, जप और ईश्वर आराधना को समर्पित रहेगा।
साध्वी हर्षानंद गिरी लंबे समय से अपने प्रवचनों और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से लोगों को सनातन संस्कृति से जोड़ने का कार्य कर रही हैं। ऐसे में उनकी यह कठोर और अनुशासित साधना श्रद्धालुओं और अनुयायियों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।
गौरतलब है कि भोपाल की रहने वाली हर्षा रिछारिया सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर, पूर्व मॉडल और एंकर रह चुकी हैं। पिछले वर्ष प्रयागराज महाकुंभ के दौरान अपने अलग अंदाज और व्यक्तित्व को लेकर वे काफी सुर्खियों में आई थीं। वर्तमान में वे निरंजनी अखाड़े के स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज की शिष्या हैं और आध्यात्मिक जीवन को समर्पित हैं।
हाल ही में उज्जैन में आयोजित एक कथा कार्यक्रम को लेकर भी साध्वी हर्षानंद गिरी चर्चा में रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया था कि कार्यक्रम के शुरुआती दिन बेहतर रहे, लेकिन जैसे-जैसे श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं की संख्या बढ़ी, वैसे-वैसे उन्हें मंच पर बोलने से रोकने और कार्यक्रम का समय कम करने के प्रयास किए गए। हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं लिया, लेकिन कहा कि अंततः श्रद्धालुओं का उत्साह इतना अधिक था कि पंडाल तक छोटा पड़ गया। अब उनकी 11 दिवसीय साधना और तपस्या को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्सुकता देखने को मिल रही है।

