NEET परीक्षा रद्द होने का दर्दनाक असर: मजदूर का बेटा डिप्रेशन में लापता, मां की आंखें बेटे की राह तक रहीं

 उमरिया। नीट 2026 परीक्षा रद्द होने का असर अब छात्रों और उनके परिवारों पर गहराई से दिखाई देने लगा है। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले से एक बेहद भावुक और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक मजदूर का बेटा परीक्षा दोबारा होने की खबर से इस कदर टूट गया कि वह घर छोड़कर कहीं चला गया। पिछले तीन दिनों से उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है, जबकि बेटे के इंतजार में मां का रो-रोकर बुरा हाल है।

परिजनों के मुताबिक, 20 वर्षीय संतोष नायक पिछले दो वर्षों से इंदौर में रहकर नीट की तैयारी कर रहा था। मजदूरी करके किसी तरह परिवार ने बेटे के सपनों को पूरा करने की कोशिश की थी। मां सोना नायक ने बताया कि यह उसके बेटे का नीट की तैयारी का दूसरा साल था। तीन मई को परीक्षा देने के बाद वह घर लौटा था और काफी खुश था। उसने परिवार से कहा था कि इस बार उसका पेपर बहुत अच्छा गया है और उसे मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिलने की पूरी उम्मीद है।

लेकिन 13 मई को जैसे ही नीट परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं और परीक्षा दोबारा होने की खबर सामने आई, संतोष गहरे तनाव में चला गया। वह लगातार यही कहता था कि इतनी कम अवधि में दोबारा तैयारी कैसे कर पाएगा। उसे डर सताने लगा था कि अगर दूसरी बार परीक्षा अच्छी नहीं हुई तो उसका पूरा करियर बर्बाद हो जाएगा।

मां ने बताया कि बेटे ने धीरे-धीरे खाना-पीना भी कम कर दिया था। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार ने रिश्तेदारों और परिचितों की मदद से उसे इंदौर कोचिंग के लिए भेजा था। 12 जून की सुबह करीब साढ़े नौ बजे संतोष यह कहकर घर से निकला था कि वह पाली पैन कार्ड बनवाने जा रहा है, लेकिन उसके बाद वह वापस नहीं लौटा।

संतोष के बड़े भाई दीपक नायक ने बताया कि उनका छोटा भाई डॉक्टर बनने का सपना लेकर दिन-रात मेहनत कर रहा था। इस बार अच्छे अंक आने की उम्मीद थी और किसी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिलने की संभावना भी नजर आ रही थी। लेकिन परीक्षा दोबारा होने की खबर ने उसे मानसिक रूप से झकझोर दिया। वह बार-बार यही कहता था कि अगर अगली परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं हुआ तो उसके भविष्य का क्या होगा।

परिजनों ने 12 जून को ही नौरोजाबाद थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी, लेकिन अब तक उसका कोई पता नहीं चल पाया है। परिवार का हर सदस्य चिंता और बेचैनी में दिन काट रहा है।

इस मामले में एसडीओपी शिवचरण बोहित ने बताया कि ईशनपुरा गांव निवासी 20 वर्षीय संतोष नायक के लापता होने की सूचना मिलने के बाद गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच के दौरान पाली क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों में युवक सड़क पर जाता हुआ दिखाई दिया है। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संतोष अपना मोबाइल फोन भी घर पर छोड़कर गया है, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करने में कठिनाई हो रही है। पूछताछ और अन्य माध्यमों से युवक की तलाश की जा रही है और जल्द से जल्द उसे सुरक्षित ढूंढने के प्रयास किए जा रहे हैं।

इस घटना ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव और उससे छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मजदूर परिवार का बेटा, जिसने डॉक्टर बनने का सपना देखा था, आज उसी सपने के टूटने के डर से लापता है और पूरा परिवार उसकी एक झलक पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है।

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