अयोध्या. राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक बयानबाजी भी तेज होती जा रही है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है और पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि मामला अब सिर्फ चढ़ावे तक सीमित नहीं रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि पहले बात चढ़ावे से शुरू हुई, फिर चंदे तक पहुंची, उसके बाद जमीन के मामलों तक और अब करोड़ों रुपये मूल्य की श्रीराम शिलाओं के गायब होने जैसे सवाल भी सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
सपा प्रमुख ने अपने बयान में यह भी कहा कि इस कथित महाघोटाले के पीछे कौन लोग हैं और किस नेटवर्क के जरिए यह सब हुआ, इसकी पूरी पड़ताल जरूरी है। उन्होंने जांच एजेंसियों से सभी संबंधित लोगों की भूमिका की जांच करने की मांग की है।
इधर, राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी लगातार जांच में जुटी हुई है। जांच टीम अब तक 40 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है। इसी क्रम में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और गोपाल राव से भी लंबी पूछताछ की गई है। बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जांच टीम ने अपने कब्जे में लिए हैं।
एसआईटी चढ़ावे की गिनती, सुरक्षा व्यवस्था और कथित अनियमितताओं से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चढ़ावे के प्रबंधन और निगरानी में कहीं कोई चूक हुई थी या नहीं।
सोमवार को जांच टीम ने राम मंदिर ट्रस्ट और दान प्रबंधन से जुड़े 42 संदिग्ध कर्मचारियों से भी विस्तृत पूछताछ की। कई घंटों तक चली इस प्रक्रिया के बाद अब जांच कानूनी कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता तक की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में आगे कौन-कौन से नए तथ्य सामने आते हैं और इस पूरे प्रकरण में क्या कार्रवाई होती है।

