अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: जबलपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया योग, मुख्यमंत्री मोहन यादव भी हुए शामिल

जबलपुर। पूरी दुनिया में आज 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। मध्यप्रदेश के सभी जिलों में योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसी कड़ी में जबलपुर के गैरिसन ग्राउंड में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने योगाभ्यास किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

योग दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि मां नर्मदा की पावन धरती जबलपुर पर आकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि योग भारत की ऐसी अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है, जिसने पूरी दुनिया को स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मक जीवन का मार्ग दिखाया है। आज विश्व अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है और ऐसे समय में योग शांति, समरसता और सामूहिक कल्याण का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरा है।

राष्ट्रपति ने कहा कि योग हमारे ऋषि-मुनियों की हजारों वर्षों की तपस्या और साधना का परिणाम है। यह केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और स्वस्थ बनाने की एक संपूर्ण पद्धति है। उन्होंने कहा कि योग बीमारियों की रोकथाम में बेहद उपयोगी है और मानसिक शांति के साथ भावनात्मक संतुलन भी प्रदान करता है। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को योग और आध्यात्मिक परंपराओं की भूमि बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति सदैव विश्व कल्याण की भावना से प्रेरित रही है और योग उसका सबसे बड़ा उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने पूरी दुनिया को योग का ज्ञान दिया है और आज विश्वभर में योग दिवस मनाया जाना देश के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में योग को वैश्विक पहचान मिली। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा संयुक्त राष्ट्र में रखे गए प्रस्ताव को 175 से अधिक देशों का समर्थन मिला, जिसके बाद वर्ष 2015 से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरी दुनिया में मनाया जा रहा है। इससे भारत की संस्कृति और परंपराओं को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है।

वहीं राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि योग जीवन का सबसे बड़ा धन है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज योग को पूरी दुनिया में सम्मान मिला है। योग हमें अपने भीतर झांकने और आत्मचिंतन करने का अवसर देता है। नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को सकारात्मक, ऊर्जावान और स्वस्थ बनाता है।

जबलपुर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और सामूहिक योगाभ्यास किया। योग दिवस के इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और बेहतर भविष्य के लिए योग को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना समय की आवश्यकता है।

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