भोपाल। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET के आयोजन के दौरान राजधानी भोपाल सहित विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और जांच के बेहद सख्त इंतजाम देखने को मिले। परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अभ्यर्थियों को कई चरणों की जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। केंद्रों के बाहर सुबह से ही परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों की भारी भीड़ दिखाई दी, जहां परीक्षा को लेकर उत्साह के साथ-साथ तनाव का माहौल भी नजर आया।
परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों की पांच स्तरों पर गहन जांच की गई। सुरक्षा कर्मियों ने प्रत्येक उम्मीदवार की पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन किया। इसके साथ ही डिजिटल और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी पूरी कराई गई। जांच पूरी होने के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष तक जाने की अनुमति दी गई।
परीक्षा के दौरान नियमों का सख्ती से पालन कराया गया। किसी भी अभ्यर्थी को घड़ी, चेन, अंगूठी, कड़ा, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। यहां तक कि ब्रांडेड स्टीकर लगी पानी की बोतलों को भी परीक्षा केंद्र के भीतर ले जाने की अनुमति नहीं थी। अधिकारियों का कहना था कि किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए इस बार विशेष सतर्कता बरती गई है।
दोपहर होते-होते परीक्षा केंद्रों पर माहौल और गंभीर हो गया। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने पर लाउडस्पीकर के माध्यम से घोषणा की गई और डिजिटल बेल बजाकर परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार बंद कर दिए गए। ठीक दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर सभी केंद्रों के गेट बंद कर दिए गए, जिसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया गया।
इसी दौरान कुछ भावुक दृश्य भी सामने आए। एक परीक्षा केंद्र पर तीन छात्राएं निर्धारित समय से कुछ ही क्षण की देरी से पहुंचीं। उन्होंने और उनके परिजनों ने अधिकारियों से प्रवेश देने की अपील की, लेकिन नियमों का हवाला देते हुए उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। काफी प्रयासों और अनुरोधों के बावजूद गेट नहीं खोले गए और छात्राओं को परीक्षा में शामिल हुए बिना वापस लौटना पड़ा।
इस घटना ने परीक्षा के दौरान समय की अहमियत को एक बार फिर सामने ला दिया। वहीं केंद्रों के बाहर मौजूद अभिभावक यही उम्मीद करते नजर आए कि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और बिना किसी विवाद के संपन्न हो। NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में इस बार सुरक्षा और नियमों की सख्ती ने यह स्पष्ट कर दिया कि निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए बेहद जरूरी है।

